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रुड़की: नारसन में केंद्र सरकार पर बरसे किसान, दो घंटे तक हाईवे किया जाम
Thu, 05 Nov 2020 11:14 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुड़की
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुड़की
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 05 Nov 2020 11:14 PM IST
सार
- मौके पर पहुंचीं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और सीओ के आश्वासन पर माने, सौंपा ज्ञापन
- कृषि कानूनों के विरोध में नारसन में दो घंटे तक सांकेतिक रूप से लगाया जाम
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farmers Protest
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नारसन में कृषि कानूनों समेत तमाम मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के पदाधिकारियों के नेतृत्व में किसानों ने बृहस्पतिवार को नारसन बॉर्डर पर एनएच 57 को करीब दो घंटे सांकेतिक रूप से चक्का जाम कर दिया। इस दौरान किसान नेताओं ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। चक्का जाम के चलते दोपहर करीब 12.30 बजे से ढाई बजे तक आवागमन अवरुद्ध रहा।
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इस दौरान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी पद्म सिंह भाटी ने कहा राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह के आह्वान पर पूरे देश में किसान संगठन अपनी मांगों के समर्थन में चक्का जाम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों का उत्पीड़न किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। केंद्र सरकार रोज नए-नए कानून बनाकर किसानों को परेशान कर रही है। पहले तीन कृषि कानून लाए गए, जिनका किसान पूरे देश में विरोध कर रहे हैं।
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अब और नए कानून बना दिए गए। अगर किसान पराली या गन्ना पाती चलाता पाया गया तो भारी भरकम जुर्माना और सात साल की कैद का प्रावधान कर दिया गया है। हाल ही में सहारनपुर में कई किसानों को जेल भेजा गया। बड़े-बड़े उद्योग प्रदूषण कर रहे हैं पर किसी उद्योगपति को जेल नहीं भेजा जा रहा है। बिजली चोरी के नाम पर किसानों को जेल भेजा जा रहा है।
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फास्ट मीटर चलाकर किसानों से अवैध वसूली की जा रही है। गन्ना मिलों से किसानों के बकाया भुगतान जानबूझकर सरकार नहीं करा रही है। सरकार चाहती है किसान दुखी होकर किसानी छोड़ दें और कारपोरेट जगत खेतों पर कब्जा कर ले। पर किसान किसी भी सूरत में ऐसा नहीं होने देगा। उन्होंने कहा कि 26 और 27 नवंबर को भारी संख्या में किसान दिल्ली पहुंचकर प्रधानमंत्री आवास का घेराव करेंगे। किसानों के आंदोलन की सूचना पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नमामी बंसल और सीओ अभय प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को सौंपा। उन्होंने मांगों को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने हाईवे खोला।
ये रहे मौजूद
प्रदेश उपाध्यक्ष सिपटेन अली, जिलाध्यक्ष समीर आलम, जिला उपाध्यक्ष अमित कुमार, प्रदेश सचिव जुल्फिकार, सुमित चौधरी, इकराम, विपुल चौधरी, जिला उपाध्यक्ष महक सिंह, जिला महासचिव सतीश चौधरी, युवा जिला सचिव जयवीर सिंह, विशाल भाटी, मोहम्मद अखलाक, गोपाल, विपिन कुमार, अंकुश, जॉली चौधरी, फतेह चौधरी, अजय वर्मा, हरीश नेगी एडवोकेट, अंकित चौधरी, अमजद कादिर, शेखर, राजदीप, मनोज कुमार, रजत वीर सिंह समेत सैकड़ों किसान मौजूद रहे।