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मिणी मार्ग पर क्रैश बैरियर न होने से लगातार हो रहे सड़क हादसे

Mon, 23 May 2022 12:42 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 23 May 2022 12:42 AM IST
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Road accidents happening continuously due to lack of crash barrier on Mini Marg
राजधानी दून से करीब 30 किमी दूर लंबीधार किमाणी मार्ग बेहद खस्ताहाल होने के चलते जोखिम भरा हो गया है। मार्ग से सफर करने वाले अपनी जान को जोखिम में डालकर गंतव्य तक पहुंचने को विवश हैं। राजधानी से कम फासले पर स्थित बद से बदतर हो गई सड़क शासन-प्रशासन की पोल खोलने के लिए पर्याप्त है। राजधानी में बैठे आला अफसरानों समेत मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों को भी मार्ग आइना दिखा रहा है। पूरे मार्ग पर क्रैश बैरियर न होने से दोपहिया और चारपहिया वाहन सवारों को रोजाना जान का खतरा सताता रहता है।
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दून शहर से कुछ दूरी पर किमाणी से लंबीधार जाने वाली सड़क लंबे समय से खस्ताहाल है। 10 किमी तक मार्ग मसूरी जाने वाले पर्यटक इस मार्ग का भी प्रयोग करते हैं और आए दिन हादसों का भी शिकार हो रहे हैं। सड़क की बदहाली का आलम यह है कि मोड़ पर क्रैश बैरियर तक नहीं है। पीडब्ल्यूडी के खामोश रहने से वाहन सवार रोजाना जान को जोखिम में डालकर यात्रा करते हैं। इस मार्ग पर कई ऐसे अंधे मोड़ हैं कि सामने से आ रहे वाहन नजर तक नहीं आते।
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जरा सी नजर हटी तो गहरी खाई में गिरने का भी अंदेशा हमेशा सताता रहता है। इस मार्ग पर आए दिन लैंड स्लाइड की घटनाएं भी होती हैं। बावजूद इसके रास्तों पर क्रैश बैरियर नहीं है। साथ ही रोड कटिंग का काम बंद होने से सफर करने वालों की दुश्वारियां और बढ़ गई हैं। लोगों ने बताया कि छह महीनों से रोड कटिंग का काम एक स्थान पर चल रहा था, जो अब बंद हो गया है। मजदूरों ने बताया कि अभी कटिंग का काम रोक दिया गया है, सिर्फ मलबा हटाया जा रहा है, बाकी काम मानसून के बाद ही होगा।
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पांच करोड़ में सात सड़कों का हुआ था सर्वे
तीन साल पहले सात सड़कों (दो हरिद्वार, पांच दून) के सुरक्षा सर्वे पर पांच करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। इनमें से किमाणी मार्ग भी था। सर्वे में लोनिवि व अन्य विभागों के अफसरों ने सुरक्षा संबंधी उपाय करने की सिफारिश की थी। किमाड़ी मार्ग पर पैराफिट बनाने, क्रैश बैरियर लगाने, रोड साइन आदि की कमी थी। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। तीन साल बीतने के बाद भी हालत जस की तस है।
रोजाना सैकड़ों पर्यटक दोपहिया व चारपहिया वाहनों से गुजरते हैं। मार्ग में कई अंधे मोड़ हैं, कई बार अचानक सामने से वाहन आने पर लोग संतुलन खो बैठते हैं। कहीं पर क्रैश बैरियर तक नहीं हैं।
- पूरन सिंह, स्थानीय निवासी
सड़क हादसे के बाद लोग आपात स्थिति में फोन करके सूचना तक नहीं दे पाते, क्योंकि यहां पर नेटवर्क की भी समस्या बनी हुई। लोग नेटवर्क न होने से भी फोन तक नहीं कर पाते।

- जय सिंह, किमोनी
रोड कटिंग का कार्य पांच वर्ष बाद शुरू हुआ, लेकिन एक ही स्थान पर चल रहा, जो पूरा भी नहीं हो पाया है। अब कटिंग का काम रोककर सिर्फ मलबा ही हटाया जा रहा है।
- विजय पुंडीर, स्थानीय दुकानदार
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