Uttarakhand: आपदा प्रबंधन योजनाओं में जोखिम मूल्यांकन, संसाधन मैपिंग को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा
आपदा प्रबंधन में संसाधन मैपिंग को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। इसे लेकर जल्द एसडीएमपी, डीडीएमपी जारी होंगी। योजनाओं को फील्ड स्तर पर अधिक व्यावहारिक, क्रियान्वयन योग्य बनाने पर विशेष बल दिया जा रहा है।
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राज्य में जल्द राज्य और जिला आपदा प्रबंधन की योजना जारी होगी। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के माध्यम से योजनाओं को अपडेट करने का अंतिम चरण में है। इन योजनाओं में जोखिम मूल्यांकन, संसाधन मैपिंग, त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र, प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली, सामुदायिक सहभागिता तथा विभागीय समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।
इस संबंध में सचिव आपदा प्रबंधन विनोद सुमन की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिसमें योजनाओं के अद्यतन कार्य की प्रगति पर चर्चा हुई। सचिव सुमन ने कहा कि अपडेट योजनाओं में आपदा के समय त्वरित, समन्वित कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।
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इसके साथ ही, योजनाओं को फील्ड स्तर पर अधिक व्यावहारिक, क्रियान्वयन योग्य बनाने पर विशेष बल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन योजनाओं के अद्यतन में सक्रिय सहयोग करें तथा स्थानीय स्तर की चुनौतियों एवं आवश्यकताओं को योजनाओं में समुचित रूप से शामिल किया जाए। बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी आदि मौजूद थे।