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ग्रीन रेलवे के रूप में बने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन
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प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते ग्रीन सेफ हिमालया मूमेंट के पदाधिकारी ।
हिमालय बचाओ आंदोलन के संयोजक समीर रतूड़ी ने कहा कि निर्माणाधीन ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन के किनारे हरित पट्टी लगाई जानी चाहिए, ताकि ग्रीन रेलवे लाइन का संकल्प पूरा हो सके।
इस रेलवे लाइन और स्टेशनों को ग्रीन रेलवे के रूप में विकसित करने की मांग को लेकर 11 फरवरी को कर्णप्रयाग से निकली ‘तीर्थे सेरे हमारी पहचान जन संवाद यात्रा’ शुक्रवार को देहरादून में संपन्न हुई। इस अवसर पर यात्रा से जुड़े संगठनों के पदाधिकारियों ने प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता की। समीर रतूड़ी ने कहा कि निर्माणाधीन रेलवे लाइन पहाड़ के चुनिंदा सेरे (खेती) से होकर गुजर रही है। इससे भविष्य में होने वाले प्रदूषण से खेती पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए हरित रेलवे की संकल्पना जरूरी है
यात्रा के मुख्य संरक्षक डॉ. पूर्व मंत्री मोहन सिंह रावत गांववासी ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन का नाम विक्टोरिया क्रास विजेता दरबान सिंह नेगी वॉर मेमोरियल रखने की मांग की। वीसी दरबान सिंह नेगी पहले व्यक्ति थे जिन्होंने प्रथम विश्व युद्ध के बाद रेलवे लाइन की मांग की थी।
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यात्रा के संरक्षक प्रेम बल्लभ नैथानी ने कहा कि इस रेलवे लाइन के स्टेशनों पर सोलर ऊर्जा का प्रयोग होनी चाहिए। पर्वतीय विकास शोध केंद्र के नोडल अधिकारी डॉ. अरविंद दरमोड़ा ने कहा कि पहाड़ के उत्पादों से बने भोजन और पेय पदार्थों को आईआरसीटीसी के मेन्यू में शामिल किया जाना चाहिए। इस अवसर पर प्रो. मोहन सिंह पंवार, डॉ. प्रणव पॉल, बीज बम के द्वारिका प्रसाद सेमवाल और प्रेम पंचोली मौजूद रहे।
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इस रेलवे लाइन और स्टेशनों को ग्रीन रेलवे के रूप में विकसित करने की मांग को लेकर 11 फरवरी को कर्णप्रयाग से निकली ‘तीर्थे सेरे हमारी पहचान जन संवाद यात्रा’ शुक्रवार को देहरादून में संपन्न हुई। इस अवसर पर यात्रा से जुड़े संगठनों के पदाधिकारियों ने प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता की। समीर रतूड़ी ने कहा कि निर्माणाधीन रेलवे लाइन पहाड़ के चुनिंदा सेरे (खेती) से होकर गुजर रही है। इससे भविष्य में होने वाले प्रदूषण से खेती पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए हरित रेलवे की संकल्पना जरूरी है
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यात्रा के मुख्य संरक्षक डॉ. पूर्व मंत्री मोहन सिंह रावत गांववासी ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन का नाम विक्टोरिया क्रास विजेता दरबान सिंह नेगी वॉर मेमोरियल रखने की मांग की। वीसी दरबान सिंह नेगी पहले व्यक्ति थे जिन्होंने प्रथम विश्व युद्ध के बाद रेलवे लाइन की मांग की थी।
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यात्रा के संरक्षक प्रेम बल्लभ नैथानी ने कहा कि इस रेलवे लाइन के स्टेशनों पर सोलर ऊर्जा का प्रयोग होनी चाहिए। पर्वतीय विकास शोध केंद्र के नोडल अधिकारी डॉ. अरविंद दरमोड़ा ने कहा कि पहाड़ के उत्पादों से बने भोजन और पेय पदार्थों को आईआरसीटीसी के मेन्यू में शामिल किया जाना चाहिए। इस अवसर पर प्रो. मोहन सिंह पंवार, डॉ. प्रणव पॉल, बीज बम के द्वारिका प्रसाद सेमवाल और प्रेम पंचोली मौजूद रहे।