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ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन की बड़ी अड़चन हुई दूर
विजेंद्र श्रीवास्तव / अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 28 May 2017 12:09 PM IST
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महत्वाकांक्षी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन के लिए वन भूमि हस्तांतरण को हरी झंडी मिल गई है। पहले चरण में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से अंतिम अनुमति मिल गई है।
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जबकि, दूसरे चरण के लिए वन भूमि देने को केंद्र तैयार है, इसकी भी सैद्धांतिक अनुमति जारी हो गई है। इस संबंध में वन विभाग में आदेश पहुंच गया है। इसके अलावा निर्माणदायी संस्था ने तीन ब्रिज बनाने का काम भी शुरू कर दिया है।
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रेल विकास निगम ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन के लिए दो चरणों में वन भूमि की मांग की थी। इसमें ऋषिकेश-चंद्रभागा में छह किमी रेलवे लाइन बिछाई जानी है, इसके लिए 63 हेक्टेयर से ज्यादा वन भूमि की जरूरत थी। जिसकी अनुमति के अंतिम आदेश जारी हो गए हैं।
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दूसरे चरण में चंद्रभागा से कर्णप्रयाग-सिमली (6 से 126 किमी) तक के लिए 500 हेक्टेयर से ज्यादा वन भूमि की जरूरत थी। इसके लिए भी केंद्रीय वन मंत्रालय राजी हो गया है। प्रयोक्ता एजेंसी को रेल विकास निगम को भूमि के लिए सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी है। इसके अलावा रेलवे लाइन के लिए विद्युत लाइन को शिफ्ट किया जाना है। इसकी भी प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन समिति का गठन
ऋषिकेश- कर्णप्रयाग रेलवे लाइन के लिए निजी भूमि की भी जरूरत है। रेल विकास निगम के अफसरों के अनुसार चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी और टिहरी में 169 निजी भूमि की आवश्यकता है।
इसी क्रम में करीब 59 हेक्टेयर निजी भूमि टिहरी जिले में अधिग्रहित की जानी है। इसके लिए भी कोशिश तेज हुई है। प्रभारी सचिव राजस्व हरबंस सिंह चुघ ने डीएम की अध्यक्षता में पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन समिति का गठन किया है, जो विभिन्न पहलू का परीक्षण करेगी। इस समिति में प्रभावित क्षेत्र में रहने वाली एक महिला, किसी राष्ट्रीयकृत बैंक का प्रतिनिधि समेत 10 लोग होंगे।
तीन ब्रिज बनाने का काम शुरू
रेल विकास निगम के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर हिमांशु बडोनी ने बताया कि योजना के तहत ऋषिकेश में तीन पुल बनाने का काम शुरू किया गया है। इसमें एक पुल चंद्रभागा नदी पर तैयार किया जाना है। इसके अलावा एक अंडर और एक ओवर ब्रिज बनाया जाना है। उम्मीद है कि जो फेस-2 योजना के लिए वन भूमि की जरूरत है, उसकी भी अंतिम अनुमति जल्द मिल जाएगी। इस संबंध में सभी औपचारिकता पूरी की जा चुकी हैं।