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Dehradun News: हाउस टैक्स देने के लिए भटक रहे बस्तीवासी, नगर निगम लेने को तैयार नहीं
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नगर निगम में सालों से हाउस टैक्स जमा करने वाले बस्तीवासी वर्तमान में टैक्स जमा करने के लिए निगम के चक्कर काट रहे हैं। पर निगम है कि उनका टैक्स जमा करने को तैयार नहीं है। ऐसे में इन बस्तीवासियों को यह डर सताने लगा है कि कहीं निगम उन्हें यहां से हटा न दे। हालांकि निगम टैक्स जमा न करने का कारण तकनीकी दिक्कत बता रहा है।
नगर निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक दून में करीब 128 बस्तियां हैं। इनमें से अभी तक कोई बस्ती नियमित नहीं है लेकिन नगर पालिका के समय से नगर निगम बनने तक इनसे लगातार हाउस टैक्स वसूला जाता रहा है। अचानक वर्ष 2018 से नगर निगम ने बस्तियों से टैक्स वसूली बंद कर दी है। जिससे इन बस्तीवासियों को यह डर सता रहा है कि कहीं निगम उन्हें हटाने की तैयारी तो नहीं कर रहा है। इसी डर के चलते यह बस्तीवासी रोज अपनी टैक्स जमा की पुरानी पर्चियां लेकर नगर निगम पहुंच रहे हैं और हाउस टैक्स जमा करने की अपील कर रहे हैं।
निगम अधिकारियों का कहना है कि पहले निगम का खुद का सॉफ्टवेयर था। इसमें बस्तीवासियों से भी टैक्स वसूली का प्रावधान था लेकिन शासन की ओर से वर्ष 2018 में जो सॉफ्टेवयर बनाया गया है, उसमें इन बस्तियों से टैक्स वसूली का प्रावधान नहीं है। इसका कारण यह है कि अधिकांश बस्तीवासी पहले मैन्युअली टैक्स जमा किया करते थे। हालांकि, जो पहले ऑनलाइन टैक्स जमा करते थे, उनसे आज भी टैक्स लिया जा रहा है। बताया कि इस संबंध में शासन को पत्र भेज दिया गया है।
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कई क्षेत्र अतिक्रमण की जद में
बस्तियों में इस दौरान कई अवैध निर्माण भी हो चुके हैं। निगम इन अवैध निर्माणों को चिह्नित कर रहा है। बताया जा रहा है कि इस वजह से भी बस्तीवासियों से टैक्स नहीं वसूला जा रहा है। निगम को डर है कि कहीं अवैध निर्माण करने वाले खुद को टैक्स के आधार पर वैध घोषित न कर दें।
नया सॉफ्टवेयर बनने के बाद कुछ दिक्कत आ रही है। शासन से इसको लेकर बात चल रही है। जल्द ही बस्तियों से हाउस टैक्स वसूूली की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए कैंप आदि लगाकर टैक्स वसूला जाएगा।
सुनील उनियाल गामा, मेयर देहरादून
निगम वर्ष 1990 से बस्तियों से हाउस टैक्स वसूल रहा है। वर्ष 2018 से अचानक टैक्स बंद कर दिया, जिससे बस्तीवासी परेशान हैं। अगर निगम को अतिक्रमण हटाना है तो जल्द कार्रवाई करें। अनावश्यक रूप से बस्तीवासियों को परेशान न करें। अगर जल्द ही बस्तीवासियों के संबंध में निगम ने स्थिति ठीक नहीं की तो एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
राजकुमार, पूर्व विधायक
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नगर निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक दून में करीब 128 बस्तियां हैं। इनमें से अभी तक कोई बस्ती नियमित नहीं है लेकिन नगर पालिका के समय से नगर निगम बनने तक इनसे लगातार हाउस टैक्स वसूला जाता रहा है। अचानक वर्ष 2018 से नगर निगम ने बस्तियों से टैक्स वसूली बंद कर दी है। जिससे इन बस्तीवासियों को यह डर सता रहा है कि कहीं निगम उन्हें हटाने की तैयारी तो नहीं कर रहा है। इसी डर के चलते यह बस्तीवासी रोज अपनी टैक्स जमा की पुरानी पर्चियां लेकर नगर निगम पहुंच रहे हैं और हाउस टैक्स जमा करने की अपील कर रहे हैं।
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निगम अधिकारियों का कहना है कि पहले निगम का खुद का सॉफ्टवेयर था। इसमें बस्तीवासियों से भी टैक्स वसूली का प्रावधान था लेकिन शासन की ओर से वर्ष 2018 में जो सॉफ्टेवयर बनाया गया है, उसमें इन बस्तियों से टैक्स वसूली का प्रावधान नहीं है। इसका कारण यह है कि अधिकांश बस्तीवासी पहले मैन्युअली टैक्स जमा किया करते थे। हालांकि, जो पहले ऑनलाइन टैक्स जमा करते थे, उनसे आज भी टैक्स लिया जा रहा है। बताया कि इस संबंध में शासन को पत्र भेज दिया गया है।
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कई क्षेत्र अतिक्रमण की जद में
बस्तियों में इस दौरान कई अवैध निर्माण भी हो चुके हैं। निगम इन अवैध निर्माणों को चिह्नित कर रहा है। बताया जा रहा है कि इस वजह से भी बस्तीवासियों से टैक्स नहीं वसूला जा रहा है। निगम को डर है कि कहीं अवैध निर्माण करने वाले खुद को टैक्स के आधार पर वैध घोषित न कर दें।
नया सॉफ्टवेयर बनने के बाद कुछ दिक्कत आ रही है। शासन से इसको लेकर बात चल रही है। जल्द ही बस्तियों से हाउस टैक्स वसूूली की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए कैंप आदि लगाकर टैक्स वसूला जाएगा।
सुनील उनियाल गामा, मेयर देहरादून
निगम वर्ष 1990 से बस्तियों से हाउस टैक्स वसूल रहा है। वर्ष 2018 से अचानक टैक्स बंद कर दिया, जिससे बस्तीवासी परेशान हैं। अगर निगम को अतिक्रमण हटाना है तो जल्द कार्रवाई करें। अनावश्यक रूप से बस्तीवासियों को परेशान न करें। अगर जल्द ही बस्तीवासियों के संबंध में निगम ने स्थिति ठीक नहीं की तो एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
राजकुमार, पूर्व विधायक