फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   ravindra jugran raised question on uttarakhand government zero tolerance

छात्रवृत्ति घोटाला : सरकार के जीरो टॉलरेंस पर उठाए सवाल, रविन्द्र जुगरान ने सीएम को लिखा पत्र

Sat, 19 Jan 2019 11:43 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 19 Jan 2019 11:43 AM IST
विज्ञापन
ravindra jugran raised question on uttarakhand government zero tolerance
trivendra singh rawat

करोड़ाें रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले को लेकर हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल करने वाले रविन्द्र जुगरान ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जीरो टॉलरेंस की नीति पर सवाल उठाए है। उन्होंने सवाल किया है कि कई सालों से घोटाले को दबाने का प्रयास करने वाले अधिकारियाें को आखिर कौन संरक्षण दे रहा हैं। डोईवाला कोतवाली में मुकदमा दर्ज होने के बाद भी दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई न होना सरकार की मंशा पर सवाल उठा रहा है।

विज्ञापन


राज्य आंदोलनकारी और छात्रवृत्ति घोटाले में याचिका दायर करने वाले रविन्द्र जुगरान ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के नाम चार पेज का पत्र लिखा हैं। जिसमें छात्रवृत्ति घोटाले की शिकायत से लेकर अब तक हुई कार्रवाई का सिलसिलेवार उल्लेख किया है। पत्र में कहा है कि समाज कल्याण द्वारा संचालित छात्रवृत्ति योजना में व्यापक स्तर पर अनियमितताएं हुई है। अपर सचिव वी षणमुगम की प्रारंभिक जांच में इसकी पुष्टि हो चुकी है। आपके (सीएम) द्वारा जून 2017 में एसआईटी गठन करने के साथ तीन माह में जांच पूरी करने के निर्देश दिए गए थे। दो साल बीतने के बाद भी जांच पूरी नहीं हुई है, जो सरकार के  जीरो टॉलरेंस की नीति के विपरीत है।
विज्ञापन


बड़ी बात ये है कि लगातार दोषी अधिकारियों को बचाने के साथ जांच को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान एसआईटी प्रभारी मंजूनाथ टीसी ने समाज कल्याण निदेशालय और जिला समाज कल्याण अधिकारियों के अभिलेख उपलब्ध न कराने की शिकायत की थी। हाईकोर्ट ने इसी कड़ी में मुख्य सचिव को जवाब दाखिल करने के आदेश दिए है। पत्र में दोषी अधिकारियाें को दंडित करने के साथ उन्हें संरक्षण देने वालाें को देहरादून से स्थानांतरित करने की मांग उठाई है। उन्होंने लिखा है कि समाज कल्याण विभाग पर डालकर सरकार व मंत्रिमंडल अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed