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ऐसे फैसलों से कांपेगी अपराधियों की रूह

Tue, 28 Jan 2014 04:24 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 28 Jan 2014 04:24 PM IST
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rape will old woman

अधेड़ महिला से सामूहिक दुराचार के बाद उसकी हत्या के मामले में फांसी की सजा पाए मेहताब के पक्ष में बचाव पक्ष के अधिवक्ता का यह तर्क था कि वह घर में अपने मां-बाप का सबसे बड़ा पुत्र है।

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उसके ऊपर उसके मां-बाप और छोटे भाई-बहन की जिम्मेदारी है। उसकी उम्र लगभग 25 साल है। इसलिए उसे उसे सजा में रियायत मिलनी चाहिए।

अदालत ने कहा कि उच्च न्यायालय ने ऐसे मामलों में अभियुक्त की कम उम्र को भी सजा में रियायत के योग्य नहीं माना है। इसलिए इस मामले में भी नहीं दी जा सकती।
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तो डरेंगे अपराधी
कानून के जानकारों का कहना है कि इस तरह के फैसलों से अपराधियों में एक मैसेज जाएगा, अपराधी कानून और महिलाओं के प्रति अपराध करने से डरेंगे। अमूमन होता यह है कि अपराधियों में कानून का डर नहीं होता वे सोचते हैं कि वे अपराध कर बच निकलेंगे।
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वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्र शेखर तिवारी के मुताबिक दोषियों के खिलाफ पुख्ता सबूत थे, इसी आधार पर अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है, इस तरह के फैसलों से अपराध कम होंगे।

जिला शासकीय अधिवक्ता जया ठाकुर बताती हैं कि वर्ष 2011 में उन्होंने पैरवी कर बच्चे का अपहरण कर उसकी हत्या के आरोपी को फांसी की सजा कराई थी, उन्होंने कहा कि जब तक अपराधियों में कानून का डर नहीं होगा अपराध नहीं रुकेगा।

पूरे शरीर में थे दरिंदगी के निशान
दोषी युवकों ने महिला को पूरे शरीर में दांत से काटा हुआ था, जिला शासकीय अधिवक्ता जयकृष्ण जोशी के मुताबिक महिला के मुंह, पेट और जांघ में दांतों से उसे बेरहमी से काटा गया था।

दोनो युवक शराब के नशे में थे, दोनों ने जंगल में उसका पीछा कर दुराचार के बाद महिला की हत्या की थी।

फफक पड़े परिजन, जाएंगे हाईकोर्ट
अदालत में दोष साबित होते ही दोषी दोनों युवकों के परिजन फफक पड़े, मेहताब की मां ने कहा कि उसके छह बच्चों में मेहताब ही सबसे बड़ा है, जो ट्रक क्लीनर का काम करता था।


वहीं सुशील के पिता गुलाब सिंह कहते हैं कि उनके बच्चे को झूठा फंसाया गया है। परिजनों ने कहा कि वे फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे।

राज्य बनने के बाद तीसरी फांसी
वर्ष 2011
गणेश साहू को फांसी की सजा सुनाई गई थी, दोषी ने फिरौती के लिए सहस्त्रधारा रोड निवासी ठेकेदार के सात वर्षीय मासूम बच्चे का अपहरण कर उसकी रस्से से गला दबाकर बेरहमी से हत्या कर दी थी।

2008
नाबालिग बच्ची से दुराचार कर उसकी हत्या के आरोपी जीया लाल को फांसी की सजा सुनाई गई। आरोपी कांवली रोड में आइसक्रीम बेचता था।

1999
बसंत विहार में ब्रिगेडियर एसएल खन्ना, उनके बेटे और साली की हत्या के मामले में राजा उर्फ इस्राइल को फांसी की सजा सुनाई गई।

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