धर्मनगरी की रामलीला: रावण करते हैं दांत का इलाज, राम करोड़पति तो हनुमान हैं ‘पहरेदार’, जानें कलाकारों की कहानी
संपूर्ण रामायण में सुरक्षा कवच बनकर विराजमान हनुमान वास्तविक जीवन में भी ‘पहरेदार’ ही हैं। इन पात्रों की अभिनय कला पिछले कई वर्षों से दर्शकों के दिलों पर राज कर रही है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
धर्मनगरी में बड़ी रामलीला के नाम से विख्यात कमेटी का मंचन दर्शकों को भक्तिमय वातावरण में अंत तक रुकने को मजबूर कर देता है। इस रामलीला कमेटी में अभिनय करने वाले कलाकारों की मंच के नीचे अपनी अलग पहचान है।
इनमें रावण के अभिनेता शहर के मशहूर दंत चिकित्सक हैं तो रामजी हरिद्वार जिले के करोड़पतियों में गिने जाते हैं। संपूर्ण रामायण में सुरक्षा कवच बनकर विराजमान हनुमान वास्तविक जीवन में भी ‘पहरेदार’ ही हैं। इन पात्रों की अभिनय कला पिछले कई वर्षों से दर्शकों के दिलों पर राज कर रही है।
कई अन्य कलाकार हैं, जो अपने व्यवसाय को पूरे महीने के लिए त्यागकर केवल रामलीला के रिहर्सल और शाम होते ही मंच पर उसके अभिनय में व्यतीत करते हैं। बड़ी रामलीला कमेटी के आयोजकों के अनुसार कुछ कलाकारों की तीसरी पीढ़ी से भी अधिक बीत गई। इसी कमेटी में वह अलग-अलग पात्र बनकर अभिनय कर रहे हैं। बड़ी रामलीला कमेटी ने कई नामचीन हस्तियों को भी जोड़ा। इनमें कुछ ने तो बड़े शहरों में जाकर अपनी पहचान कायम की।
इन कलाकारों की मंच से पहले की पहचान
पात्र, कलाकार, व्यवसाय
राम, साहिल मोदी, हरिद्वार के मशहूर मोहन पूरी वाले, बड़े होटल कारोबारी करोड़पति परिवार से हैं।
हनुमान, अरुण वर्मा, प्राइवेट फर्म में सिक्योरिटी गार्ड का काम कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
रावण, डॉ. विजय, बीडीएस में स्नातक व चिकित्सा क्षेत्र में कई डिग्री और डिप्लोमा हासिल करने वाले चिकित्सक, खड़खड़ी में दंत रोग विशेषज्ञ के रूप में अपनी क्लीनिक चलाते हैं।
दशरथ, संजीव गिरी, खड़खड़ी में माला और प्रसाद आदि की दुकान है।
पवन, राघव चौधरी, बिजनौर उत्तर प्रदेश के निवासी, हरिद्वार में रहकर कंबल की दुकान पर काम करते हैं और वर्षों से मंचन में हिस्सा ले रहे हैं।
ये भी पढ़ें...Operation Ajay: इस्राइल में फंसे उत्तराखंड के दो नागरिकों को सुरक्षित लेकर पहुंचा विमान, सरकार का जताया आभार
इंद्र और वरुण, अंकित ठाकुर, मथुरा के मूल निवासी, अब हरिद्वार में ही परिवार समेत बस गए, दुकान पर रहकर काम कर वह परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
पृथ्वी, शिखर जौहरी, भल्ला कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य के प्रपौत्र हैं और तीसरी पीढ़ी से इस रामलीला मंचन में अभिनय कर रहे हैं।