तुम हार के दिल अपना... ये राजबब्बर स्टाइल है
रुपहले पर्दे पर खुद पर फिल्माये गए गीत तुम हार के दिल अपना मेरी जीत अमर कर दो के अंदाज में राजबब्बर उत्तराखंड से अपने रिश्ते जोड़ने के साथ दिल जीतने की कोशिश की। बाहरी उम्मीदवार के ठप्पे के साथ राज्यसभा जाने के लिए उत्तराखंड पहुंचे कांग्रेसी नेता राजबब्बर ने खुद के उत्तराखंड से समय-समय पर जुड़े रहने के वाकये बताए-सुनाए।
आखिरी दिन मंगलवार को राज्यसभा के लिए पर्चा भरते ही उनकी जीत भी तय हो गई। विधानसभा में वोटों का पलड़ा कांग्रेस के पक्ष में है और अन्य किसी ने नामांकन नहीं कराया है।
बुधवार को उन्हें चुने जाने की घोषणा की जा सकती है। उन्हें राहुल गांधी की पसंद ठहराए जाने के बाद किसी गुट ने उन्हें नजरअंदाज करने का जोखिम नहीं उठाया और पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के करीबी विधायक सुबोध उनियाल और विजय पाल सजवाण भी नामांकन के दौरान सक्रिय दिखे।
मुजफ्फरनगर कांड के जिक्र पर असहज हुए राजबब्बर
राज्य आंदोलनकारी महिला नेता मनोरमा शर्मा के निधन से खाली हुई सीट पर कांग्रेस के एक धड़े की किसी उत्तराखंडी को ही मौका दिए जाने की पैरवी और भीतरी-बाहरी की बहस के बीच पत्रकारों से बातचीत में राज बब्बर ने खुद को राज्य के सरोकारों से जुड़ा बताने का पूरा प्रयास किया।
उन्होंने राज्य से जुड़ी कई भावनात्मक बातें कर साबित करना चाहा कि उन्हें राज्य की समझ है और खुद को जोड़ने आए हैं। उन्होंने देवभूमि के नमन के साथ राज्य गठन में यहां की महिलाओं के योगदान और शहीदों को याद किया। लेकिन मुजफ्फरनगर कांड का जिक्र होने पर वे असहज हो गए।
राजबब्बर ने कहा कि मैं उत्तराखंड के लिए नया नहीं हूं। फिल्म की शूटिंग और चुनाव प्रचार के दौरान लगातार देवभूमि आता-जाता रहा हूं। उन्होंने बताया कि 1994 में मैं पिथौरागढ़ में पॉवर प्रोजेक्ट लाना चाहता था।