{"_id":"6904d4ccd5812f5f6108158b","slug":"public-service-commission-canceled-the-principal-recruitment-examination-dehradun-news-c-5-drn1068-823744-2025-10-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: लोक सेवा आयोग ने प्रधानाचार्य भर्ती परीक्षा की निरस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: लोक सेवा आयोग ने प्रधानाचार्य भर्ती परीक्षा की निरस्त
विज्ञापन
- आठ फरवरी को प्रस्तावित थी परीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिद्वार। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने राजकीय इंटर काॅलेजों में प्रधानाचार्य के पदों पर चल रही भर्ती परीक्षा निरस्त कर दी है। शासन की ओर से लोक सेवा आयोग से प्रस्ताव वापस मांग लिया गया है।
11 मार्च 2024 को आयोग की ओर से राजकीय इंटर कालेजों में प्रधानाचार्य के पदों पर भर्ती परीक्षा के लिए विज्ञप्ति जारी की गई थी। आयोग की ओर से यह परीक्षा 8 फरवरी 2026 को प्रस्तावित की गई थी। प्रदेश के राजकीय इंटरमीडिएट कालेजों में प्रधानाचार्य के कुल 1385 पदों में से 1184 पद वर्तमान में रिक्त हैं। सरकार ने इन पदों को भरने के लिए 50 प्रतिशत पदों पर प्रधानाचार्य परीक्षा कराने का निर्णय लिया था। इसके लिए प्रधानाचार्य सेवा नियमावली में संशोधन के उपरांत शासन ने राज्य लोक सेवा आयोग को भर्ती परीक्षा के लिए प्रस्ताव भेजा था लेकिन अब आयोग ने इस परीक्षा को निरस्त कर दिया है।
आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय और शासन स्तर पर कार्यवाही गतिमान होने का हवाला दिया है। साथ ही आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि शासन की ओर से प्रश्नगत परीक्षा का अधियाचन वापस लेने का अनुरोध किया गया है। आयोग के सचिव अशोक कुमार पांडेय की ओर से यह आदेश जारी किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिद्वार। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने राजकीय इंटर काॅलेजों में प्रधानाचार्य के पदों पर चल रही भर्ती परीक्षा निरस्त कर दी है। शासन की ओर से लोक सेवा आयोग से प्रस्ताव वापस मांग लिया गया है।
11 मार्च 2024 को आयोग की ओर से राजकीय इंटर कालेजों में प्रधानाचार्य के पदों पर भर्ती परीक्षा के लिए विज्ञप्ति जारी की गई थी। आयोग की ओर से यह परीक्षा 8 फरवरी 2026 को प्रस्तावित की गई थी। प्रदेश के राजकीय इंटरमीडिएट कालेजों में प्रधानाचार्य के कुल 1385 पदों में से 1184 पद वर्तमान में रिक्त हैं। सरकार ने इन पदों को भरने के लिए 50 प्रतिशत पदों पर प्रधानाचार्य परीक्षा कराने का निर्णय लिया था। इसके लिए प्रधानाचार्य सेवा नियमावली में संशोधन के उपरांत शासन ने राज्य लोक सेवा आयोग को भर्ती परीक्षा के लिए प्रस्ताव भेजा था लेकिन अब आयोग ने इस परीक्षा को निरस्त कर दिया है।
विज्ञापन
आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय और शासन स्तर पर कार्यवाही गतिमान होने का हवाला दिया है। साथ ही आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि शासन की ओर से प्रश्नगत परीक्षा का अधियाचन वापस लेने का अनुरोध किया गया है। आयोग के सचिव अशोक कुमार पांडेय की ओर से यह आदेश जारी किए गए हैं।
विज्ञापन