फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   protest for gairsain as uttarakhand permanent capital

उत्तराखंड की स्थायी राजधानी के लिए तिरंगे के साथ सड़कों पर उमड़ा जन सैलाब

Mon, 12 Mar 2018 01:13 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गैरसैंण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गैरसैंण Updated Mon, 12 Mar 2018 01:13 PM IST
विज्ञापन
protest for gairsain as uttarakhand permanent capital
protest for gairsain - फोटो : amar ujala

गैरसैंण के राज्य की स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग को लेकर रविवार को यहां आयोजित जनाक्रोश महारैली में सड़कों पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। गैरसैंण राजधानी के नारों से रामगंगा घाटी गूंज उठी।

विज्ञापन


आंदोलनकारी हाथों में तिरंगा लिए चल रहे थे। इस दौरान आंदोलनकारियों की अनशनकारियों को जबरन उठाए जाने और दरवाजा तोड़ने के मामले में एसडीएम से तीखी बहस हुई। कुछ आंदोलनकारी तहसील के पोर्च पर चढ़ गए। हालांकि कुछ देर बाद आंदोलनकारी स्थायी राजधानी की घोषणा के लिए 20 मार्च तक का अल्टीमेटम देते हुए नीचे उतर आए। 
विज्ञापन


कर्णप्रयाग के रामलीला मैदान में रविवार सुबह आठ बजे से ही आंदोलनकारियों के जुटने का सिलसिला शुरू हो गया। दोपहर 12 बजे रामलीला मैदान से बाजे-गाजों के साथ शुरू हुई जनाक्रोश महारैली मुुख्य मार्गों से होकर तहसील परिसर पहुंची। यहां जनसभा में वक्ताओं ने प्रशासन पर आंदोलन को कुचलने का आरोप लगाया। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे केंद्रीय समिति के अध्यक्ष चारु तिवारी, भाकपा माले नेता इंद्रेश मैखुरी सहित अन्य पदाधिकारियों ने शुक्रवार रात को रामलीला मैदान में कमरे का दरवाजा जबरन तोड़ने, अनशनकारियों और समर्थकों से धक्का मुक्की को दमनात्मक कार्रवाई करार दिया। इस बात पर आंदोलनकारियों और एसडीएम के बीच तीखी बहस हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन


कुछ आंदोलनकारी तिरंगे के साथ तहसील के पोर्च पर चढ़ गए। एसडीएम ने उन्हें नीचे आने को कहा, लेकिन वह नहीं माने। कुछ देर बाद आंदोलनकारी 20 मार्च तक राजधानी घोषित करने की मांग का अल्टीमेटम देते हुए नीचे उतर आए। आंदोलनकारियों ने शनिवार को धक्का-मुक्की को अमानवीय बताते हुए जिम्मेदार पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। करीब एक घंटे तक तहसील में प्रदर्शन करने के बाद आंदोलनकारियों ने एसडीएम स्मृता परमार के माध्यम से सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को ज्ञापन भेजा। इस दौरान विभिन्न जिलों और दूरदराज से आए सामाजिक कार्यकर्ता, पंचायत प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, महिला मंगल दल ढांगा, सलियाणा, ग्वाड़, कोठार, डुग्री, कुनीगाड़ तथा खनसर घाटी, गिवांड, चौथान और लोहबा आदि तमाम पट्टियों के ग्रामीण मौजूद थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed