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Dehradun News: छात्रवृत्ति घोटाले में एक और शिक्षण संस्थान की संपत्ति अटैच
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छात्रवृत्ति घोटाले में ईडी ने एक और शिक्षण संस्थान की संपत्ति अटैच की है। हरिद्वार में रुड़की के फोनिक्स ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन की 5.52 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच हुई है। इससे पहले ईडी टेकवर्ड ग्रुप की संपत्ति भी अटैच कर चुकी है। इस मामले में अब तक कुल 7.07 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं।
शिक्षण संस्थान पर आरोप है कि धोखाधड़ी से एससी-एसटी के छात्रों के नाम पर जारी छात्रवृत्ति की रकम को अपने खातों में जमा कराया। इसके बाद जमीनें और बिल्डिंग बना लीं। ईडी ने पिछले साल शिक्षण संस्थान को नोटिस जारी किया था। पहले संचालक से पूछताछ की गई और फिर खातों आदि की जांच के बाद यह कार्रवाई की गई।
ईडी ने शुक्रवार को फोनिक्स ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की संपत्ति अटैच की। यह ग्रुप बिमल प्रसाद जैन एजुकेशनल ट्रस्ट की ओर से संचालित किया जाता है। ईडी ने जांच में पाया कि छात्रवृत्ति की काफी रकम ट्रस्ट और अन्य खातों में जमा की गई। इसे कैश के रूप में निकालकर कई संपत्तियां खड़ी की गईं। ग्रुप की अटैच की गई संपत्तियां हरिद्वार जिले में ही हैं। इससे पहले वली ग्राम उद्योग विकास संस्थान रुड़की की भी 1.45 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं। यह संस्थान टेकवर्ड वली ग्राम उद्योग विकास संस्थान ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस चलाता है।
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यह है मामला
बता दें कि 2012 से 2015 तक निजी शिक्षण संस्थानों ने समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर छात्रवृत्ति की रकम की बंदरबांट की थी। शुरुआत में यह घोटाला 200 करोड़ रुपये से अधिक का बताया गया। इस पर एसआईटी ने जांच की तो 100 से भी अधिक मुकदमे शिक्षण संस्थानों के मालिकान और अधिकारियों के खिलाफ दर्ज किए गए। इनमें पिछले दिनों एसआईटी चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है। पिछले साल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी जांच शुरू की थी। ईडी ने 50 से ज्यादा शिक्षण संस्थानों को नोटिस भेजा था। इनमें देहरादून, हरिद्वार, रुड़की, सहारनपुर, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश आदि के शिक्षण संस्थान शामिल थे।
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शिक्षण संस्थान पर आरोप है कि धोखाधड़ी से एससी-एसटी के छात्रों के नाम पर जारी छात्रवृत्ति की रकम को अपने खातों में जमा कराया। इसके बाद जमीनें और बिल्डिंग बना लीं। ईडी ने पिछले साल शिक्षण संस्थान को नोटिस जारी किया था। पहले संचालक से पूछताछ की गई और फिर खातों आदि की जांच के बाद यह कार्रवाई की गई।
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ईडी ने शुक्रवार को फोनिक्स ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की संपत्ति अटैच की। यह ग्रुप बिमल प्रसाद जैन एजुकेशनल ट्रस्ट की ओर से संचालित किया जाता है। ईडी ने जांच में पाया कि छात्रवृत्ति की काफी रकम ट्रस्ट और अन्य खातों में जमा की गई। इसे कैश के रूप में निकालकर कई संपत्तियां खड़ी की गईं। ग्रुप की अटैच की गई संपत्तियां हरिद्वार जिले में ही हैं। इससे पहले वली ग्राम उद्योग विकास संस्थान रुड़की की भी 1.45 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं। यह संस्थान टेकवर्ड वली ग्राम उद्योग विकास संस्थान ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस चलाता है।
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यह है मामला
बता दें कि 2012 से 2015 तक निजी शिक्षण संस्थानों ने समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर छात्रवृत्ति की रकम की बंदरबांट की थी। शुरुआत में यह घोटाला 200 करोड़ रुपये से अधिक का बताया गया। इस पर एसआईटी ने जांच की तो 100 से भी अधिक मुकदमे शिक्षण संस्थानों के मालिकान और अधिकारियों के खिलाफ दर्ज किए गए। इनमें पिछले दिनों एसआईटी चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है। पिछले साल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी जांच शुरू की थी। ईडी ने 50 से ज्यादा शिक्षण संस्थानों को नोटिस भेजा था। इनमें देहरादून, हरिद्वार, रुड़की, सहारनपुर, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश आदि के शिक्षण संस्थान शामिल थे।