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Dehradun News: तीन दिन से आवाजाही का संकट झेल रहे मेहरकोट गांव के निवासी
Wed, 02 Sep 2026 05:24 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Updated Wed, 02 Sep 2026 05:24 PM IST
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- सड़क पर भारी मलबा व पेड़ गिरने से बंद गांव का रास्ता
- दैनिक आवाजाही व बच्चों का स्कूल जाना बंद
सेलाकुई। सहसपुर ब्लॉक के मेहरकोट गांव का रास्ता पिछले तीन दिनों से बंद है जिसके कारण ग्रामीणों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। रास्ता बंद हाेने से ग्रामीणों की दैनिक आवाजाही और बच्चों का स्कूल आना जाना भी ठप है। ग्रामीणाें ने रास्ते में पहाड़ियों से गिरे पत्थर, मिट्टी, मलबा व पेड़ आदि को हटाकर रास्ता खोले जाने की मांग की है।
सहसपुर ब्लॉक का गांव मेहरकोट देहरादून से महज 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। गांव के लिए जाने वाला लगभग 150 मीटर के आसपास का रास्ता वन भूमि क्षेत्र से गुजरता है जिसके कारण इस रास्ते का निर्माण भी नहीं कराया गया है। बरसात के दिनों में इस रास्ते पर पहाड़ों से मिट्टी, पत्थर व मलबा आदि गिरते हैं जिससे रास्ता बंद हो जाता है। इस बार यहां मलबे के साथ कई स्थानों पर बड़े पेड़ भी गिर गए हैं जिससे रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। गांव के पूर्व प्रधान सुधीर राणा, विजय सिंह, रमेश सिंह, नितिन, भूप सिंह, दिनेश, अरूण, जोगिंदर आदि ने बताया गांव में लगभग 30 परिवारों के 150 से अधिक सदस्य निवास करते हैं और बच्चे पौने दो किलोमीटर दूर पौंधा स्थित राजकीय विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण करते हैं। उन्होंने बताया रास्ता बंद होने से ग्रामीण अपने जरूरी कामकाज के लिए गांव से बाहर नहीं जा पा रहे है जबकि स्कूल वाहन नहीं आने से गांव के बच्चे स्कूल भी नहीं जा रहे हैं।
उन्होंने बताया तहसील प्रशासन से रास्ता बंद होने के तुरंत बाद गुहार लगाई गई थी लेकिन अभी तक कोई अधिकारी-कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा है। उधर उप जिलाधिकारी विनोद कुमार ने बताया क्षेत्रीय पटवारी को मौके पर जाकर समस्या का समाधान कराने के लिए कहा गया है इसके अलावा वन विभाग को भी गिरे हुए वृक्षों को रास्ते से हटाने के लिए निर्देशित किया जा रहा है।
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- दैनिक आवाजाही व बच्चों का स्कूल जाना बंद
सेलाकुई। सहसपुर ब्लॉक के मेहरकोट गांव का रास्ता पिछले तीन दिनों से बंद है जिसके कारण ग्रामीणों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। रास्ता बंद हाेने से ग्रामीणों की दैनिक आवाजाही और बच्चों का स्कूल आना जाना भी ठप है। ग्रामीणाें ने रास्ते में पहाड़ियों से गिरे पत्थर, मिट्टी, मलबा व पेड़ आदि को हटाकर रास्ता खोले जाने की मांग की है।
सहसपुर ब्लॉक का गांव मेहरकोट देहरादून से महज 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। गांव के लिए जाने वाला लगभग 150 मीटर के आसपास का रास्ता वन भूमि क्षेत्र से गुजरता है जिसके कारण इस रास्ते का निर्माण भी नहीं कराया गया है। बरसात के दिनों में इस रास्ते पर पहाड़ों से मिट्टी, पत्थर व मलबा आदि गिरते हैं जिससे रास्ता बंद हो जाता है। इस बार यहां मलबे के साथ कई स्थानों पर बड़े पेड़ भी गिर गए हैं जिससे रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। गांव के पूर्व प्रधान सुधीर राणा, विजय सिंह, रमेश सिंह, नितिन, भूप सिंह, दिनेश, अरूण, जोगिंदर आदि ने बताया गांव में लगभग 30 परिवारों के 150 से अधिक सदस्य निवास करते हैं और बच्चे पौने दो किलोमीटर दूर पौंधा स्थित राजकीय विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण करते हैं। उन्होंने बताया रास्ता बंद होने से ग्रामीण अपने जरूरी कामकाज के लिए गांव से बाहर नहीं जा पा रहे है जबकि स्कूल वाहन नहीं आने से गांव के बच्चे स्कूल भी नहीं जा रहे हैं।
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उन्होंने बताया तहसील प्रशासन से रास्ता बंद होने के तुरंत बाद गुहार लगाई गई थी लेकिन अभी तक कोई अधिकारी-कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा है। उधर उप जिलाधिकारी विनोद कुमार ने बताया क्षेत्रीय पटवारी को मौके पर जाकर समस्या का समाधान कराने के लिए कहा गया है इसके अलावा वन विभाग को भी गिरे हुए वृक्षों को रास्ते से हटाने के लिए निर्देशित किया जा रहा है।
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