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बरेली के नशा तस्करों की संपत्तियां सीज
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एनडीपीएस एक्ट के विशेष प्रावधानों के तहत प्रदेश में पहली बार नशा तस्करों की करोड़ों रुपये की संपत्तियों को सील व सीज किया गया है। इनमें कई जमीनात और वाहन शामिल हैं। जबकि, एसटीएफ ने सात बैंक खातों को फ्रीज कराया है। इन नशा तस्करों की स्मैक के साथ मार्च से जुलाई तक गिरफ्तारी हुई थी। इनके पास से भारी मात्रा में स्मैक बरामद हुई थी। एसटीएफ इनके साथियों के बारे में जानकारियां भी जुटा रही है।
नशा तस्करों के इस फाइनेंशियल ऑपरेशन की जानकारी शनिवार को डीआईजी एसटीएफ डॉ. निलेश आनंद भरणे और एसएसपी अजय सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि मार्च में चंडी पुल हरिद्वार से दो आरोपियों को पकड़ा गया था। इनके पास से आधा किलोग्राम से अधिक स्मैक बरामद हुई थी। पूछताछ में पता चला कि यह लोग बरेली के रिजवान से स्मैक खरीदकर लाए थे। इस पर एसटीएफ ने बरेली में नशा तस्करों के घरों में रेड डाली और कई लोगों को गिरफ्तार किया। रिजवान तो मिला नहीं लेकिन उसकी पत्नी तबस्सुम को गिरफ्तार कर लिया गया। जुलाई के प्रथम सप्ताह में एसटीएफ ने रिजवान को भी गिरफ्तार कर लिया।
इसके बाद पता चला कि इन्होंने इस धंधे से बहुत सी संपत्तियां अर्जित की हैं। इस क्रम में एक रिपोर्ट फाइनेंशियल इंटेलीजेंस यूनिट इंडिया को भेजी गई। वहां की रिपोर्ट आने के बाद अब इनकी अचल संपत्तियों को सील और चल संपत्तियों को सीज किया गया है। जबकि, बैंक खातों को एसटीएफ ने फ्रीज करा दिया है। इनमें सबसे अधिक संपत्तियां गिरोह के सरगना रिजवान की हैं।
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यह संपत्तियां हुई सील
- मीरगंज बरेली में चार प्लॉट। इनका सरकारी मूल्य करीब 25 लाख रुपये से अधिक है। जबकि, मार्केट कीमत इनसे कहीं अधिक है।
- फतेहगंज पश्चिमी बरेली में दो प्लॉट। इनका बाजार मूल्य करोड़ों में है।
सीज की गई संपत्तियां
- एक ट्रैक्टर और दो मोटरसाइकिलें।
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नशा तस्करों के इस फाइनेंशियल ऑपरेशन की जानकारी शनिवार को डीआईजी एसटीएफ डॉ. निलेश आनंद भरणे और एसएसपी अजय सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि मार्च में चंडी पुल हरिद्वार से दो आरोपियों को पकड़ा गया था। इनके पास से आधा किलोग्राम से अधिक स्मैक बरामद हुई थी। पूछताछ में पता चला कि यह लोग बरेली के रिजवान से स्मैक खरीदकर लाए थे। इस पर एसटीएफ ने बरेली में नशा तस्करों के घरों में रेड डाली और कई लोगों को गिरफ्तार किया। रिजवान तो मिला नहीं लेकिन उसकी पत्नी तबस्सुम को गिरफ्तार कर लिया गया। जुलाई के प्रथम सप्ताह में एसटीएफ ने रिजवान को भी गिरफ्तार कर लिया।
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इसके बाद पता चला कि इन्होंने इस धंधे से बहुत सी संपत्तियां अर्जित की हैं। इस क्रम में एक रिपोर्ट फाइनेंशियल इंटेलीजेंस यूनिट इंडिया को भेजी गई। वहां की रिपोर्ट आने के बाद अब इनकी अचल संपत्तियों को सील और चल संपत्तियों को सीज किया गया है। जबकि, बैंक खातों को एसटीएफ ने फ्रीज करा दिया है। इनमें सबसे अधिक संपत्तियां गिरोह के सरगना रिजवान की हैं।
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यह संपत्तियां हुई सील
- मीरगंज बरेली में चार प्लॉट। इनका सरकारी मूल्य करीब 25 लाख रुपये से अधिक है। जबकि, मार्केट कीमत इनसे कहीं अधिक है।
- फतेहगंज पश्चिमी बरेली में दो प्लॉट। इनका बाजार मूल्य करोड़ों में है।
सीज की गई संपत्तियां
- एक ट्रैक्टर और दो मोटरसाइकिलें।