उत्तराखंड: प्रदेश सरकार की नए खनन क्षेत्र खोलने की तैयारी, पुरानों को स्वीकृति का इंतजार
प्रदेश सरकार खनन से 825 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली का लक्ष्य रखा था, जबकि इसके सापेक्ष मात्र 472 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली हो पाई थी। इस वर्ष लक्ष्य बढ़ाकर 875 करोड़ रुपये किया गया है।
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प्रदेश सरकार खनन के नए क्षेत्र चिह्नित कर राजस्व में वृद्धि करना चाहती है। शासन ने इसके लिए राजस्व विभाग सहित वन विकास निगम को निर्देश जारी किए हैं। इधर, एक अक्तूबर से शुरू होने वाले खनन कार्य के लिए वन विकास निगम को अभी तक केंद्र सरकार की ओर से पर्यावरणीय स्वीकृति ही नहीं मिल पाई है।
वन निगम की ओर से इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बीते वर्ष प्रदेश सरकार खनन से 825 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली का लक्ष्य रखा था, जबकि इसके सापेक्ष मात्र 472 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली हो पाई थी। इस वर्ष लक्ष्य बढ़ाकर 875 करोड़ रुपये किया गया है। सरकार प्रदेश की नदियों में नए खनन क्षेत्र चिह्नित कर इस लक्ष्य को हासिल करना चाहती है।
इसके तहत राजस्व क्षेत्र में अभी तक 150 से अधिक खनन क्षेत्र चिह्नित किए जा चुके हैं। अब इनके आवंटन की प्रक्रिया चल रही है। इसके साथ ही वन विकास निगम को भी नए खनन क्षेत्र चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं। सचिव औद्योगिक विकास (खनन) डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि उत्तराखंड की नदियों में खनिज व उप खनिज प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
खनन के जरिए राजस्व में वृद्धि की जा सके
कहा, कई नदी क्षेत्र ऐसे हैं, जहां वर्षों से खनन नहीं होने के कारण नदियों का तल लगातार ऊपर उठ रहा है। इससे बाढ़ और तमाम दूसरी व्यावहारिक परेशानियां भी सामने आ रही हैं, इसलिए प्रदेश में नए खनन क्षेत्र चिह्नित किए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि खनन के जरिए राजस्व में वृद्धि की जा सके।
इधर, 10 दिन बाद यानि एक अक्तूबर से प्रदेश में खनन कार्य शुरू हो जाएगा और वन विकास निगम को कुमाऊं की पांच नदियों गौला, कोसी, शारदा, दाबाका और नंधौर के लिए अभी तक वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से पर्यावरणीय स्वीकृति नहीं मिल पाई है। यह स्वीकृति अगले पांच साल यानि एक अक्तूबर 2023 से जून 2028 तक ली जानी है।
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वन विकास निगम के प्रबंध निदेशक एसएस सुबुद्धि ने बताया, खनन के लिए केंद्र सरकार की ओर से वन स्वीकृति पहले मिल चुकी है। बताया, पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। संभवत: एक-दो दिन में यह भी मिल जाएगी।