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उत्तराखंड: प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का शुभारंभ, पेंशन से जुडे़ंगे लाखों श्रमिक

Wed, 06 Mar 2019 08:31 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 06 Mar 2019 08:31 AM IST
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Pradhan Mantri Shram Yogi Mandhan Pension scheme launched in uttarakhand
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का शुभारंभ करते सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत

असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का पूरे देश के साथ ही उत्तराखंड में भी शुभारंभ हो गया है। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और श्रम मंत्री डॉ.हरक सिंह रावत ने मंगलवार को 15 कामगारों को डेमो कार्ड वितरित कर योजना की औपचारिक शुरुआत की। 

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योजना में अभी तक 10 हजार कामगारों ने पंजीकरण कराया है। एक वर्ष के भीतर पांच लाख कामगारों के पंजीकरण का सरकार ने लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता दर्शन हॉल में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री और श्रम मंत्री ने इस योजना को शुरू करने पर प्रधानमंत्री का आभार जताया।
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कार्यक्रम में विधायक सुरेश राठौर, मंडी परिषद के अध्यक्ष गजराज सिंह बिष्ट, राज्य श्रम संविदा बोर्ड के अध्यक्ष शमशेर सिंह सन्याल, श्रम सचिव हरबंश सिंह चुग, कार्यवाहक श्रमायुक्त अनिल पेटवाल आदि मौजूद रहे।
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प्रधानमंत्री ने गरीबों की सुध लेते हुए इस योजना की शुरुआत की है। मजदूर कड़ी मेहनत करते हैं, जब 60 वर्ष की उम्र हो जाती है तो शरीर साथ नहीं देता है। कई बार ऐसा भी होता है कि संतान अपने बुजुर्ग माता पिता की देखभाल नहीं करती। ऐसे में श्रम योगी मानधन योजना से मिलने वाली पेंशन बहुत बड़ा सहारा होगी।
- बेबी रानी मौर्य, राज्यपाल, उत्तराखंड

ये होंगे पात्र, पंजीकरण के लिए ये होगा जरूरी
इस योजना के लिए केंद्र सरकार ने 150 तरह के अलग-अलग नियोजन क्षेत्रों को चुना है। प्रमुख रूप से यह योजना रेहड़ी-पटरी लगाने वालों, रिक्शा चालकों, निर्माण कार्य करने वाले मजदूरों, कूड़ा बीनने वालों, बीड़ी बनाने वालों, हथकरघा, कृषि कामगार, मोची, धोबी, चमड़ा कामगार, अखबार बांटने वालों के साथ ही असंगठित क्षेत्र में तमाम दूसरे काम करने वालों को कवर करेगी। 10 से कामगारों वाले संस्थान को असंगठित क्षेत्र माना जाता है। पहले से ही केंद्र सरकार की सहायता वाली किसी अन्य पेंशन स्कीम का सदस्य होने पर संबंधित कामगार को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

स्वामी विवेकानंद, दीनदयाल उपाध्याय और गुरु माधव सदाशिव गोलवलकर, सभी का यह मानना था कि दरिद्र नारायण में भगवान रहते हैं। विकास की पंक्ति में सबसे नीचे खड़े व्यक्ति को ऊपर उठाना ही जीवन की सबसे बड़ी सिद्धि है। श्रमिकों में 90 प्रतिशत से अधिक असगंठित क्षेत्र में हैं। ऐसे मजदूरों की प्रधानमंत्री ने सुध ली है।
- त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि वे गरीबों के लिए बड़े काम करना चाहते हैं। उन्होंने अपने इस संकल्प को पूरा किया है। अटल जी ने भी कहा था कि छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता है, टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता है। प्रधानमंत्री जी ने बड़ा मन दिखाया है। इससे निश्चित तौर पर गरीब कामगारों को बहुत बड़ी मदद मिलेगी।
-डॉ.हरक सिंह रावत, श्रम मंत्री, उत्तराखंड

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