देहरादून में बांट दिया कुमाऊं से लौटाया गया खराब चावल, हालत देख सकते में आए अधिकारी
कुमाऊं से लौटाया गया टूटा हुआ खराब चावल शनिवार से दून में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों में बंटना शुरू हो गया। इसकी जानकारी जिला प्रशासन को मिली तो एसडीएम प्रत्यूष कुमार ने ट्रांसपोर्टनगर स्थित राजकीय खाद्यान्न गोदाम में छापा मारा।
60 प्रतिशत से ज्यादा टूटे हुए चावल देखकर वह चौंक गए। उन्होंने तत्काल मौके पर खड़ी गाड़ी से चावल के सैंपल भरवाकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए। वहीं, अचानक छापेमारी से गोदाम में अफरातफरी मच गई।
कुमाऊं मंडल में बीते कई माह से टूटा हुआ खराब चावल बांटने को लेकर विवाद चल रहा है। कई राशन डीलरों ने यह चावल लेने से इनकार कर दिया। राशन कार्ड धारकों ने भी चावल नहीं लिया।
करीब 80 ट्रक चावल कुमाऊं से गुपचुप दून के गुलरघाटी स्थित गोदाम में भेज दिया गया। शनिवार से इस चावल का आवंटन भी शुरू हो गया। चावल से भरा ट्रक ट्रांसपोर्ट नगर स्थित राजकीय खाद्यान्न गोदाम पहुंचा तो यहां पहले से तैयार राशन डीलरों की गाड़ियों में लोडिंग भी शुरू हो गई।
कुछ गाड़ियां चावल लेकर निकल गईं तो कुछ में चावल भरा जा रहा था, तभी एसडीएम प्रत्यूष कुमार ने छापा मार दिया। 60 प्रतिशत से ज्यादा टूटे हुए चावल देखकर एसडीएम भी हैरत में पड़ गए। उन्होंने तत्काल चावल के सैंपल भरवाए और जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए।
उनका कहना था कि अगर चावल मानकों के हिसाब से कमतर पाए गए तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि यह वही चावल है जो कि जनता के विरोध के बाद कुमाऊं में बंटना बंद हो गया था। इसके 80 ट्रक गुपचुप तरीके से दून में खपा दिए गए।
हालांकि मौके पर मौजूद वरिष्ठ विपणन अधिकारी एवं गोदाम प्रभारी कैलाश चंद्र पांडेय का कहना था कि उनके पास यह चावल गुलरघाटी गोदाम से आया है। उन्होंने एसडीएम के सामने यह भी स्वीकार किया कि यह वही चावल है, जिसे लेकर कुमाऊं मंडल में विवाद हुआ था।
मामले में जानकारी लेने के लिए संभागीय खाद्य नियंत्रक धर्मसत्तू को फोन किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया। उन्हें एसएमएस भी किया गया है, जब उनका पक्ष आएगा तो वह भी प्रकाशित किया जाएगा।