फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   policy may change for medicine crisis.

दवा संकट खत्म करने को नीति में होगा बदलाव

Wed, 03 Feb 2016 04:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 03 Feb 2016 04:07 AM IST
विज्ञापन
policy may change for medicine crisis.

प्रदेश में दवा संकट खत्म करने को औषधि क्रय नीति में बदलाव किया जा सकता है। विभागीय मंत्री, शासन और स्वास्थ्य महानिदेशालय के स्तर से अब तक हुई वार्ता में इस मुद्दे पर सहमति बनी है। शासन स्तर पर जल्द ही इसकी कवायद शुरू हो सकती है।

विज्ञापन


नई औषधि क्रय नीति की तमाम जटिल शर्तों के चलते किसी भी मुख्य चिकित्साधिकारी के स्तर से दवाओं व अन्य सामान की खरीद नहीं हो सकी है। टेंडर में शामिल होने के लिए राज्य की फर्मों का 20 करोड़ और राज्य से बाहर की फर्मों का 70 करोड़ से अधिक का टर्नओवर होना अनिवार्य है।
विज्ञापन


दवा कंपनियां नहीं दिखा रहीं दिलचस्पी
इसके अलावा निर्माता फर्म को दवा 23 फीसदी कम कीमत पर उपलब्ध कराने की शर्त का भी पालन करना होगा। इसके चलते मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय से हो रही खरीद में किसी भी दवा निर्माता फर्म ने दिलचस्पी नहीं दिखाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यही वजह है कि प्रदेश के तमाम सरकारी अस्पतालों में दवाओं का संकट बना हुआ है। पहले अस्पताल और जिला स्तर पर लोकल परचेज (एलपी), इएसआई, कोटेशन बेस, इमरजेंसी और रेट कांट्रेक्ट (आरसी) के जरिये दवा खरीदने का विकल्प होता था, लेकिन केंद्रीयकृत व्यवस्था लागू होने के बाद केवल महानिदेशालय और मुख्य चिकित्साधिकारी के स्तर से ही दवाओं की खरीद हो सकती है।


इनका है कहना
दवा खरीद की प्रक्रिया को पारदर्शी और बेहतर बनाने के लिए नई औषधि क्रय नीति बनाई गई है, लेकिन इसमें कुछ व्यवहारिक दिक्कतें आ रही हैं। बहुत संभव है कि नीति की कुछ जटिलताओं को कम करने के लिए संशोधन किया जाए। शासन स्तर से इस पर निर्णय लिया जाएगा।
-डॉ. कुसुम नरियाल, स्वास्थ्य महानिदेशक

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed