रोक के बाद भी नंदा देवी बेस कैंप के लिए निकला पोलैंड का दल, हिमस्खलन सक्रिय होने से फंसने की आशंका
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पोलैंड के पर्वतारोहियों का दल जिला प्रशासन की रोक के बावजूद नंदा देवी ईस्ट के बेस कैंप के लिए रवाना हो गया है। ऐसे में दल के सदस्यों के संकट में फंसने की आशंका है। आईटीबीपी के डीआईजी एपीएस निम्बाडिया ने जिला प्रशासन को अवगत करा दिया है।
13 मई को नंदा देवी ईस्ट की चोटी पर पर्वतारोहण के लिए गया आठ सदस्यीय दल हिमस्खलन की चपेट में आने से लापता हो गया था। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 28 मई को नंदा देवी ईस्ट के लिए निकले पोलैंड के 20 सदस्यीय पर्वतारोहियों के दल को मर्तोली में रोक दिया था।
एक जून को ही इस दल को वापस मुनस्यारी लौटने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन दल के सदस्य प्रशासन के आदेशों की अनदेखी करते हुए नंदा देवी बेस कैंप के लिए रवाना हो गए। लापता पर्वतारोहियों की खोज में बेस कैंप तक गए आईटीबीपी के द्वितीय कमान अधिकारी सुनील कुमार को पोलैंड का यह दल मार्ग में मिला। सुनील कुमार ने इसकी सूचना आईटीबीपी के डीआईजी एपीएस निम्बाडिया को दी।
बता दें कि नंदा देवी ईस्ट में पर्वतारोहण के दौरान एवलांच आने से बर्फ में दबे पर्वतारोहियों के शवों को निकालने के लिए सेना, आईटीबीपी और एसडीआरएफ का संयुक्त अभियान बुधवार से चलेगा।
आईटीबीपी के द्वितीय कमान अधिकारी एवं एवरेस्ट विजेता रतन सिंह सोनाल के नेतृत्व में अभियान चलेगा। रतन सिंह आईटीबीपी के अन्य पर्वतारोहियों के साथ मंगलवार को पिथौरागढ़ पहुंच गए हैं।