जहरीली शराब कांड: छह लोगों की मौत के मामले में नामजद घोंचू गिरफ्तार, पहले से दर्ज हैं नौ मुकदमे
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देहरादून के पथरिया पीर में जहरीली शराब के सेवन से हुई छह लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने वांछित चल रहे भाजपा से निष्कासित पूर्व पार्षद अजय सोनकर उर्फ घोंचू को गिरफ्तार कर लिया।
घोंचू की योजना कोर्ट में आत्मसमर्पण करने की थी, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। कानून से बचने के लिए घोंचू ने खूब जुगाड़ लगाए थे, लेकिन कामयाब नहीं हो पाया। मंगलवार को उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रविवार को शराब कांड में पूर्व पार्षद अजय सोनकर उर्फ घोंचू को गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। इसी कड़ी में पुलिस ने घोंचू की तलाश में दिन रात एक कर रखा था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अरुण मोहन जोशी ने सोमवार रात पत्रकारों से बातचीत में बताया कि पथरिया पीर में छह लोगों की मौत के बाद से यह बात सामने आ रही थी कि गौरव, राजू उर्फ राजा नेगी और पूर्व पार्षद अजय सोनकर उर्फ घोंचू इलाके में अवैध रूप से शराब बेचते थे।
आत्मसमर्पण करने कोर्ट भी पहुुंचा था घोंचू
शराब पीकर अस्पताल में भर्ती लोगों ने भी यही जानकारी दी थी। इसी आधार सीओ सिटी शेखर सुयाल की तरफ से गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था। आरोपी गौरव को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
एसएसपी के मुताबिक अजय सोनकर की गिरफ्तारी को एसपी सिटी श्वेता चौबे और एसपी देहात प्रमेन्द्र डोभाल के नेतृत्व में दो टीम गठित की गई थीं। आरोपी के ठिकानाें पर लगातार दबिश चल रही थी।
इसी बीच खबर थी कि घोंचू कोर्ट में अपने जीजा की मदद से आत्मसमर्पण करने की तैयारी में है। आरोपी कोर्ट पहुंच भी गया था, लेकिन पुलिस की चहलकदमी देखकर लौट गया। पुलिस ने घेराबंदी कर सोमवार शाम उसे ईसी रोड से दबोच लिया। एसपी सिटी श्वेता चौबे, एसपी देहात प्रमेन्द्र डोभाल, सीओ सिटी शेखर सुयाल और सीओ सदर लोकजीत सिंह इस दौरान मौजूद रहे।
पुलिस से बचने को होटल में छिपा था घोंचू
पुलिस पूछताछ में अजय सोनकर उर्फ घाेंचू ने बताया कि घटना के दिन वह जाखन स्थित आवास पर था। सोशल मीडिया के माध्यम से पता चला कि पथरिया पीर की घटना में उसका नाम आ रहा है। वह अपने दोस्त और जीजा के साथ कार में हरिद्वार को रवाना हुआ। भानियावाला में एक होटल में कमरा लेकर वह जीजा के साथ रहा। पुराना मोबाइल नंबर बंद कर नया सिम लेकर वह पुलिस कार्रवाई की जानकारी ले रहा था। उसका प्लान कोर्ट में आत्मसमर्पण करने का था, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
ठेके से कैसे मिलता था 70 रुपये का पव्वा
पुलिस हिरासत में अजय सोनकर उर्फ घाेंचू का कहना था कि वह ठेके से 70 रुपये का पव्वा खरीदकर अपने नेटवर्क से जुड़े लोगों को 85 रुपये में बेचता था। वो लोग आगे उसे 100 रुपये में घर-घर पहुंचा देेते थे। अब सवाल उठता है कि घाेंचू को जाफरान का पव्वा 70 रुपये में कैसे मिलता था, जबकि आम लोगों को ठेके से यह पव्वा 85 रुपये में मिलता है।
गैंगस्टर एक्ट के तहत होगी कार्रवाई
एसएसपी ने बताया कि अजय सोनकर से पूछताछ में कई और नाम सामने आए हैं, जिनके खिलाफ जानकारी जुटाई जा रही है। शराब कांड में पकड़े जाने वाले आरोपियाें के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्हाेंने बताया कि घोंचू के खिलाफ शहर के विभिन्न थानों में नौ के करीब मुकदमे दर्ज हैं।
जाफरान पीने वालों की बिगड़ी हालत
पुलिस ने करीब शराब पीने वाले 10 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया था। इनमें से किशोरी लाल, करण, अविनाश, राजू और अंशुल के शरीर में मेथनोल की पुष्टि हुई है। यानि शराब में कोई जहरीला पदार्थ था। इन सभी ने देसी शराब जाफरान का सेवन किया था। जबकि पांच लोगाें ने अंग्रेेजी शराब का सेवन किया था। उनके शरीर में मैथनोल नहीं होने की पुष्टि हुई है।
आईआईटी रुड़की की एक्सपर्ट टीम बुलाई
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अरुण मोहन जोशी ने बताया कि जाफरान की जांच के लिए आईआईटी रुड़की की एक्सपर्ट टीम को मदद के लिए बुलाया गया है। एक्सपर्ट टीम जाफरान बनाने वाली आसवनी-दून वैली डिस्टलरी में संपूर्ण उत्पादन में प्रयुक्त पदार्थों का परीक्षण कर यह पता करेगी कि आखिर शराब कैसे जहरीली हो सकती है।