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Dehradun News: श्याम बंसी बजानी पड़ेगी, सदा प्रेम दौलत लुटानी पड़ेगी...
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- प्रीतम रोड पर आयोजित हुआ कवि सम्मेलन
संवाद न्यूज एजेंसी
देहरादून। प्रीतम रोड स्थित सभागार में हिमालय विरासत ट्रस्ट के तत्वावधान में कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें कवियों ने अपनी सशक्त, भावपूर्ण रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कवि सम्मेलन का शुभारंभ संस्था की अध्यक्ष कविता बिष्ट ‘नेह’ की मां सरस्वती वंदना की प्रस्तुति से हुआ। उन्होंने श्याम बंसी बजानी पड़ेगी, सदा प्रेम दौलत लुटानी पड़ेगी की प्रस्तुति दी। मणि अग्रवाल ‘मणिका’ ने फागुन रेखाचित्र बनाए, मन के कोरे कैनवास पर, कैसे कोई संयम रख ले, किसी अनबुझी एक प्यास पर... की प्रस्तुति देकर सभी को भाव-विभोर कर दिया। वहीं, डॉ. भारती मिश्रा ने देवभूमि की पावन मिट्टी कहे पुकार पुकार के... की प्रस्तुति से खूब तालियां बटोरीं। सिद्धी डोभाल ने पादपों ने खोल दी है, पल्लवों की डोर की प्रस्तुति दी। इस मौके पर साहित्यकार विवेक चतुर्वेदी, शायर जनाब अंबर खरबंदा, जगदीश बावला, साधना, डॉ. विद्युत प्रभा चतुर्वेदी, गौरव विवेक, आशना कंडियाल नेगी, संगीता वर्मानी, रजनीश त्रिवेदी आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
देहरादून। प्रीतम रोड स्थित सभागार में हिमालय विरासत ट्रस्ट के तत्वावधान में कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें कवियों ने अपनी सशक्त, भावपूर्ण रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कवि सम्मेलन का शुभारंभ संस्था की अध्यक्ष कविता बिष्ट ‘नेह’ की मां सरस्वती वंदना की प्रस्तुति से हुआ। उन्होंने श्याम बंसी बजानी पड़ेगी, सदा प्रेम दौलत लुटानी पड़ेगी की प्रस्तुति दी। मणि अग्रवाल ‘मणिका’ ने फागुन रेखाचित्र बनाए, मन के कोरे कैनवास पर, कैसे कोई संयम रख ले, किसी अनबुझी एक प्यास पर... की प्रस्तुति देकर सभी को भाव-विभोर कर दिया। वहीं, डॉ. भारती मिश्रा ने देवभूमि की पावन मिट्टी कहे पुकार पुकार के... की प्रस्तुति से खूब तालियां बटोरीं। सिद्धी डोभाल ने पादपों ने खोल दी है, पल्लवों की डोर की प्रस्तुति दी। इस मौके पर साहित्यकार विवेक चतुर्वेदी, शायर जनाब अंबर खरबंदा, जगदीश बावला, साधना, डॉ. विद्युत प्रभा चतुर्वेदी, गौरव विवेक, आशना कंडियाल नेगी, संगीता वर्मानी, रजनीश त्रिवेदी आदि मौजूद रहे।