जमरानी बांध में नहरें और जलाशयों का करना होगा नवीनीकरण, 11 को पीएमाओ ने आयोजित की होगी बैठक
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जमरानी बांध परियोजना की फाइल तेजी से दौड़ने लगी है। अब पीएमओ कार्यालय में जमरानी परियोजना की फाइल तलब किए जाने से बांध को केंद्रीय परियोजना में शामिल किए जाने के कयास लगाए जा रहे हैं। जमरानी परियोजना में काम शुरू करने से पहले सिंचाई विभाग को परियोजना के तहत पूर्व में बनीं 440 किमी नहरों और तमाम जलाशयों का पुनर्निर्माण कराने की भी चुनौती सिंचाई विभाग के पास होगी।
डीपीआर को मंजूरी मिलने के बाद पर्यावरण और जन सुनवाई जैसे मामलों पर भी अनापत्ति मिल गई है। बांध परियोजना के सर्वे के लिए इसी हफ्ते 50 लाख रुपये की मंजूरी मिलने के बाद अब प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से 11 जुलाई को जमरानी को लेकर बैठक आयोजित की गई है।
सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता मोहन चंद्र पांडे ने बताया कि पूर्व में निर्मित नहरों, गौला बैराज और जलाशयों के नवीनीकरण का भी प्रस्ताव भेजा गया है। पीएमओ कार्यालय में होने वाली बैठक में जमरानी बांध परियोजना को हरी झंडी मिली तो जल्द नहरों समेत सभी नवीनीकरण के कार्य तत्काल शुरू किए जाएंगे।
केंद्रीय परियोजना घोषित हो सकती है जमरानी
जमरानी बांध परियोजना की पीएमओ कार्यालय में होने वाली बैठक को लेकर इसे केंद्रीय परियोजना घोषित किए जाने की पूरी संभावना जताई जा रही है। वर्तमान में बांध परियोजना की 2584.10 करोड़ रुपये की डीपीआर तो मंजूर हो चुकी है लेकिन अभी तक वित्त की व्यवस्था कौन करेगा, इसका कोई प्रावधान नहीं किया गया है।
सिंचाई अधिकारियों का मानना है कि पीएमओ की बैठक में वित्त संबंधी मामले में निर्णय लिया जा सकता है। सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता मोहन चंद्र पांडे ने बताया कि उच्चाधिकारियों के साथ वह भी पीएमओ बैठक में शामिल होंगे।