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Dehradun News: आतिशबाजी ने कई लोगाें को पहुंचाया अस्पताल
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Iदून कोरोनेशन में पटाखों से झुलसने के 72 मामले आए सामने
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Iनिजी अस्पतालों को भी शामिल करें तो झुलसने का आंकड़ा 200 के पारI
दीपावली के दिन पटाखों से खेलना कई लोगों पर भारी पड़ गया। आतिशबाजी के रोमांच ने उन्हें अस्पताल पहुंचा दिया। दून, कोरोनेशन में 72 झुलसने के मामले सामने आए। वहीं, निजी अस्पतालों को भी शामिल करें तो झुलसने का आंकड़ा 200 के पार रहा।
राजधानी के अस्पतालों में दीपावली की रात तक पटाखों से झुलसने वाले कई लोग पहुंचे। इसके अलावा श्वास, नेत्र और त्वचा संबंधी समस्या के चलते भी कई लोग को अस्पताल की शरण लेनी पड़ी। अस्पतालों की इमरजेंसी में मध्य रात्रि तक भीड़ रही। इनमें अधिकतर मामले पटाखों से झुलसने के थे। दून व कोरोनेशन के अलावा शहर के निजी अस्पतालों में करीब 200 लोग झुलसे। हालांकि इनमें कोई गंभीर अवस्था में अस्पताल नहीं पहुंचा। दून मेडिकल कालेज चिकित्सालय के उप चिकित्सा अधीक्षक डा. धनंजय डोभाल ने बताया कि पटाखों आदि से झुलसे के 46 मामले आए हैैं। इनमें कोई भी गंभीर मामला नहीं है। उधर, जिला चिकित्सालय कोरोनेशन में भी 26 लोग पटाखों से झुलसने के बाद उपचार के लिए पहुंचे।
Iअस्थमा और दिल के मरीजों का बढ़ा मर्जI
दून मेडिकल कालेज चिकित्सालय और निजी अस्पताल में अस्थमा और दिल के मरीजों की भी भीड़ रही। चिकित्सकों के अनुसार, कई मरीज अस्थमा से पीड़ित आए। कई मरीज ऐसे थे, जिन्हें पटाखों की तेज आवाज के बाद हृदय रोग की दिक्कत हुई। उन्हें इमरजेंसी में उपचार किया गया। कई लोगों की आंख में भी समस्या आई। जलन से उनकी आंखों में बैचेनी रही।
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Iनिजी अस्पतालों को भी शामिल करें तो झुलसने का आंकड़ा 200 के पारI
दीपावली के दिन पटाखों से खेलना कई लोगों पर भारी पड़ गया। आतिशबाजी के रोमांच ने उन्हें अस्पताल पहुंचा दिया। दून, कोरोनेशन में 72 झुलसने के मामले सामने आए। वहीं, निजी अस्पतालों को भी शामिल करें तो झुलसने का आंकड़ा 200 के पार रहा।
राजधानी के अस्पतालों में दीपावली की रात तक पटाखों से झुलसने वाले कई लोग पहुंचे। इसके अलावा श्वास, नेत्र और त्वचा संबंधी समस्या के चलते भी कई लोग को अस्पताल की शरण लेनी पड़ी। अस्पतालों की इमरजेंसी में मध्य रात्रि तक भीड़ रही। इनमें अधिकतर मामले पटाखों से झुलसने के थे। दून व कोरोनेशन के अलावा शहर के निजी अस्पतालों में करीब 200 लोग झुलसे। हालांकि इनमें कोई गंभीर अवस्था में अस्पताल नहीं पहुंचा। दून मेडिकल कालेज चिकित्सालय के उप चिकित्सा अधीक्षक डा. धनंजय डोभाल ने बताया कि पटाखों आदि से झुलसे के 46 मामले आए हैैं। इनमें कोई भी गंभीर मामला नहीं है। उधर, जिला चिकित्सालय कोरोनेशन में भी 26 लोग पटाखों से झुलसने के बाद उपचार के लिए पहुंचे।
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Iअस्थमा और दिल के मरीजों का बढ़ा मर्जI
दून मेडिकल कालेज चिकित्सालय और निजी अस्पताल में अस्थमा और दिल के मरीजों की भी भीड़ रही। चिकित्सकों के अनुसार, कई मरीज अस्थमा से पीड़ित आए। कई मरीज ऐसे थे, जिन्हें पटाखों की तेज आवाज के बाद हृदय रोग की दिक्कत हुई। उन्हें इमरजेंसी में उपचार किया गया। कई लोगों की आंख में भी समस्या आई। जलन से उनकी आंखों में बैचेनी रही।
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