Pithoragarh Disaster : गांवों में फंसे महिलाओं व बच्चों को हेलीकॉप्टर से राहत शिविर में पहुंचाया
आपदा के कारण बंगापानी तहसील के विभिन्न गांवों में फंसे लोगों को हेलीकॉप्टर से निकालने का काम शुरू हो गया है। शनिवार को अलग-अलग गांवों से 11 महिलाओं और 2 बच्चों सहित कुल 15 लोगों को हेलीकॉप्टर से बरम स्थित राहत शिविर पहुंचाया गया।
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27 जुलाई की रात आई भीषण आपदा से बंगापानी तहसील के मेतली के देवलेक, जाराजिबली, मोरी और लुम्ती गांवों का शेष दुनिया से संपर्क कट गया था। लगभग 300 से अधिक लोगों को रस्सी और कच्चे पुल के सहारे निकाल लिया गया था, लेकिन मोरी, देवलेक और लुम्ती गांवों में अब भी लोग जंगल में रह रहे थे।
शनिवार की सुबह अभियान शुरू किया
फंसे लोगों तक मदद पहुंचाने के लिए शनिवार की सुबह हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू अभियान शुरू किया। इस दौरान अलग-अलग गांवों से 11 महिलाओं, दो बच्चों और दो पुरुषों को निकालकर बरम में बनाए गए राहत कैंप में पहुंचाया गया। इसके अलावा पूर्ति विभाग की ओर से प्रभावित गांवों में 85 से अधिक खाद्यान्न पैकेट और टैंट भी पहुंचाए गए।
जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने मौके पर मौजूद रहकर रेस्क्यू अभियान का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने बताया कि सभी फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने तक हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू अभियान जारी रखा जाएगा। धारचूला के विधायक हरीश धामी भी बरम में बनाए गए राहत शिविर में व्यवस्थाओं को देखने के लिए मौजूद रहे।
उधर, धामीगांव, टांगा और जाराजिबली में मलबे में दबी महिलाओं की खोजबीन के लिए एसडीआरएफ के जवानों ने अभियान जारी रखा, लेकिन लापता महिलाओं का पता नहीं चल सका। अपर जिलाधिकारी आरडी पालीवाल और एसडीएम भगत सिंह फोनिया मुनस्यारी के आपदा प्रभावित जोशा और धापा गांवों के प्रभावित क्षेत्रों में व्यवस्थाएं देखने के लिए क्षेत्र में बने हुए हैं।