फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   PIL Rejected in dhaincha seed scam uttarakhand

उत्तराखंड: ढैंचा बीज घोटाले सीएम को बड़ी राहत, दोबारा दायर हुई जनहित याचिका खारिज

Wed, 19 Sep 2018 12:32 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, नैनीताल Updated Wed, 19 Sep 2018 12:32 AM IST
विज्ञापन
PIL Rejected in dhaincha seed scam uttarakhand
uttarakhand high court

उत्तराखंड के चर्चित ढैंचा बीज घोटाले के मामले में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। घोटाले को लेकर दायर जनहित याचिका को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ ने आधारहीन मानते हुए खारिज कर दिया है। 

विज्ञापन


ढैंचा बीज मामले में रघुनाथ सिंह नेगी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। वर्ष 2005-06 में खरीफ की फसल को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई ढैंचा बीज वितरण की योजना में बीज निर्धारित बाजार मूल्य से 60 फीसदी अधिक दर पर खरीदे जाने का मामला उठा था।
विज्ञापन


बाद में इसमें जांच के लिए त्रिपाठी आयोग का गठन किया गया था। त्रिपाठी जांच आयोग की रिपोर्ट आने के बाद भी कोई कार्रवाई न होने को नेगी ने जनहित याचिका का आधार बनाया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से जुड़े इस मामले में इससे पहले गाजियाबाद निवासी जयप्रकाश डबराल ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। डबराल का कहना था कि त्रिपाठी जांच आयोग की रिपोर्ट में बीज मामले में भाजपा सरकार में कृषि मंत्री रहे त्रिवेंद्र सिंह रावत, तत्कालीन कृषि सचिव ओम प्रकाश और तत्कालीन कृषि निदेशक मदन लाल को जिम्मेदार ठहराया गया है।

बाद में डबराल ने याचिका को अन्य तथ्यों और प्रार्थना पत्र के साथ दोबारा दाखिल करने की मांग करते हुए वापस ले लिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed