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Uttarakhand News: खनिज की अवैध ढुलाई पर जुर्माना बढ़ा, अब वाहनों पर जीपीएस लगाना अनिवार्य

Thu, 26 Sep 2024 09:02 AM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Thu, 26 Sep 2024 09:02 AM IST
सार

उत्तराखंड खनिज चतुर्थ संशोधन नियमावली-2024 जारी की गई है। इसके तहत खनिज की छोटे स्तर पर बिक्री के लिए 200 मीटर तक रिटेल भंडारण की अनुमति दी गई है।

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Penalty increased for illegal transportation of minerals installation of GPS on vehicles is mandatory
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : संवाद

विस्तार

प्रदेश में अवैध खनन में पकड़ी जाने वाली पोकलेन पर पांच लाख रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। ऐसे मामले में 10 टायर ट्रक-डंपर के पकड़े जाने पर जुर्माने की राशि दोगुनी कर दी गई है। खनन की चोरी रोकने और माफिया पर शिकंजा कसने के लिए खनन विभाग ने खनिज की अवैध ढुलाई और खनन करने पर जुर्माना बढ़ा दिया है। निगरानी बढ़ाने के लिए खनन वाहनों में जीपीएस लगाना अनिवार्य होगा।

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शासन ने बुधवार को उत्तराखंड खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण का निवारण) (चतुर्थ संशोधन) नियमावली-2024 जारी कर दी है। इसके तहत खनिज की छोटे स्तर पर बिक्री के लिए 200 मीटर तक रिटेल भंडारण की अनुमति दी गई है।

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नियमावली खनिजों के परिवहन प्रयुक्त होने वाले सभी वाहनों में जीपीएस लगाया जाना अनिवार्य किया गया है। जीपीएस और धर्मकांटा को भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय के विभागीय ई- रवन्ना पोर्टल के साथ इंटीग्रेटेड किया जाएगा। इसके अलावा खनिज ढुलाई में इस्तेमाल होने वाले वाहनों का रूट एसडीएम, जिला खान अधिकारी और वाहन स्वामियों के समन्वय के साथ तय होगा। वाहन पर नंबर प्लेट न होने, अस्पष्ट होने और ई- रवन्ना न होने की स्थिति में पांच लाख तक जुर्माना जिला खान अधिकारी जिस स्टोन क्रशर, स्क्रीनिंग प्लांट और रिटेल भंडारणकर्ता आदि से खनिज को लाया गया हो उस पर लगा सकेंगे।

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नियमावली में रिटेल भंडारण को अनुमति दी गई, अब तुलनात्मक तौर पर छोटे स्तर भी कारोबार किया जा सकेगा। इसकी अनुमति पांच साल के लिए मिलेगी। यह दो सौ घनमीटर तक भंडारण कर सकेंगे। भंडारकर्ता को भंडारण क्षेत्रफल के संशोधन में सूचना समाचार पत्र में देगा, इस पर किसी व्यक्ति को आपत्ति है, तो सूचना की विज्ञप्ति प्रकाशित होने के 15 दिन में कर सकेगा।

दो से अधिक बार पकड़े गए वाहन को राज्य संपत्ति घोषित किया जाएगा

भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के निदेशक राजपाल लेघा कहते हैं कि अवैध परिवहन में शामिल वाहनों पर जुर्माना बढ़ाया गया है, पहले दस टायर पर 50 हजार जुर्माना था, जो एक लाख किया गया है। पोकलेन पर भी जुर्माना बढ़ाया गया है। इसके अलावा दो या दो अधिक बार कोई ऐसा वाहन पकड़ा जाता है तो उसे आदतन अपराधी मानते हुए पकड़े गए वाहन का जब्त कर राज्य सरकार में समाहित कर राज्य संपत्ति घोषित कर दिया जाएगा। बुग्गी पर भी दो हजार का जुर्माना तय किया गया है।

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किराए पर भूमि देने वालों की जिम्मेदारी तय हुई

अगर किसी व्यक्ति ने किराए पर भूमि खनिज भंडारण और खनन एक तय समय के लिए अनुमति दी है, यह अवधि निकल जाती है। उसके बाद उस जगह पर अवैध खनन और भंडारण पाए जाने पर उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की होगी। साथ ही ई- रवन्ना प्रपत्रों की वैद्यता समाप्त होने के 72 घंटे में स्टोन क्रशर, स्क्रीनिंग प्लांट आदि रिसीव नहीं करते हैं, तो ई- रवन्ना पत्र स्वत: विलोपित हो जाएंगे। ईश्ररवन्ना प्रपत्रों को डिजिटल करने और हाई सिक्योरिटी पेपर पर निर्गत किया जाएगा।

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