फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Pea crop ruined due to lack of rain

बारिश नहीं होने से सत्तर प्रतिशत तक बर्बाद हो गई मटर की फसल

Sat, 02 Apr 2022 12:39 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 02 Apr 2022 12:39 AM IST
विज्ञापन
Pea crop ruined due to lack of rain
जौनसार बाबर क्षेत्र में इस बार कम बारिश होने से मटर की फसल को व्यापक स्तर पर नुकसान पहुंचा है। क्षेत्र की प्रमुख फसल होने के कारण भारी संख्या में किसान मटर की खेती करते हैं, लेकिन इस बार के मौसम में किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है, जिससे किसानों में मायूसी दिखाई दे रही है।
विज्ञापन

जौनसार बावर के अधिकतर किसान कैश क्रॉप के रूप में सब्जियों की खेती करते हैं, जिससे किसानों को अच्छी खासी आय हो जाती है। प्रत्येक किसान पारंपरिक खेती के बजाय सब्जी उत्पादन से अपनी आय कमा रहा है, लेकिन इस बार के मौसम ने किसानों को नुकसान पहुंचाने का काम किया है। बताते चलें कि बारिश नहीं होने के कारण क्षेत्र में बोई गई मटर की फसल 70 प्रतिशत तक खराब हो चुकी है। मटर की बुवाई नवंबर के अंतिम सप्ताह व दिसंबर के प्रथम सप्ताह से लेकर अप्रैल माह में तैयार होने तक सिंचाई की आवश्यकता रहती है, लेकिन इस बार बारिश नहीं होने के कारण फसल को समय से पानी नहीं मिल सका। इसके चलते अधिकतर किसानों की खेती बर्बाद हो गई है। किसान भीम सिंह चौहान, सुरेंद्र सिंह बिष्ट, प्रेम सिंह, मुकेश शर्मा, रणसिंह चौहान और टीकम सिंह चौहान का कहना है कि बुवाई के समय अधिक बारिश होने व बाद में वर्षा नहीं होने से व्यापक स्तर पर फसल को नुकसान हुआ है। उनका कहना है कि इस बार उनकी मेहनत व खर्च सबकुछ बर्बाद हो गया है। उद्यान विभाग के प्रभारी डॉ. रामकुमार का कहना है कि वर्षा के समय से नहीं होने से मटर, गेहूं, जौ व मसूर जैसी फसलों को क्षेत्र में नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि किसानों को हुए नुकसान की रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed