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Dehradun News: आरडीसी बैठक से पहले सभी शुल्क जमा करना अनिवार्य
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अगर आप वीर माधो सिंह भंडारी प्रौद्योगिकी विवि (यूटीयू) से पीएचडी करने की तैयारी कर रहे हैं तो यह खबर आपके लिए खास है। विवि ने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ईसीई) के पीएचडी शोधार्थियों के लिए रिसर्च डिग्री कमेटी (आरडीसी) बैठक का कार्यक्रम जारी कर दिया है।
विवि प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आरडीसी में शामिल होने से पहले सभी लंबित शुल्क जमा करना अनिवार्य है नहीं तो शोधार्थियों को बैठक में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। विवि प्रशासन की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार मई–जून 2026 सत्र के लिए यह बैठक 19 जून को आयोजित की जाएगी। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक आरडीसी बैठक सुबह 10 बजे विवि परिसर सुद्धोवाला में होगी। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि सभी पंजीकृत शोधार्थियों को अपने शोध कार्य की प्रगति पर प्रस्तुतीकरण देना अनिवार्य होगा।
विवि ने यह भी निर्देश दिए हैं कि शोधार्थी निर्धारित प्रारूप में प्रगति रिपोर्ट तैयार कर अपने सुपरवाइजर से हस्ताक्षरित कराएं। साथ ही रिपोर्ट को विवि की यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट सिस्टम (यूएमएस) पर अपलोड करना भी अनिवार्य होगा। बैठक में आरडीसी के विशेषज्ञ यह तय करते हैं कि आपका शोध विषय नया, प्रासंगिक और शोध के योग्य है या नहीं। आरडीसी की ओर से सिनॉप्सिस पास होने के बाद ही आपका पीएचडी पंजीकरण आधिकारिक तौर पर मान्य होता है।
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विवि प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आरडीसी में शामिल होने से पहले सभी लंबित शुल्क जमा करना अनिवार्य है नहीं तो शोधार्थियों को बैठक में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। विवि प्रशासन की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार मई–जून 2026 सत्र के लिए यह बैठक 19 जून को आयोजित की जाएगी। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक आरडीसी बैठक सुबह 10 बजे विवि परिसर सुद्धोवाला में होगी। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि सभी पंजीकृत शोधार्थियों को अपने शोध कार्य की प्रगति पर प्रस्तुतीकरण देना अनिवार्य होगा।
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विवि ने यह भी निर्देश दिए हैं कि शोधार्थी निर्धारित प्रारूप में प्रगति रिपोर्ट तैयार कर अपने सुपरवाइजर से हस्ताक्षरित कराएं। साथ ही रिपोर्ट को विवि की यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट सिस्टम (यूएमएस) पर अपलोड करना भी अनिवार्य होगा। बैठक में आरडीसी के विशेषज्ञ यह तय करते हैं कि आपका शोध विषय नया, प्रासंगिक और शोध के योग्य है या नहीं। आरडीसी की ओर से सिनॉप्सिस पास होने के बाद ही आपका पीएचडी पंजीकरण आधिकारिक तौर पर मान्य होता है।
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