Paper Leak Case: बड़े पैमाने पर हो रहा बदलाव, UKPSC बदलेगा एक्सपर्ट और प्रश्न पत्रों के बैंक के सवाल
पटवारी भर्ती के 380 सवाल अति गोपन विभाग के अनुभाग अधिकारी संजीव चतुर्वेदी ने लीक कर दिए थे। आयोग ने स्वीकार किया था कि पटवारी भर्ती में इनमें से 35 सवाल आए हैं। परीक्षा रद्द करके 12 फरवरी की तिथि तय कर दी।
विस्तार
उत्तराखंड में पटवारी भर्ती का पेपर लीक होने के बाद उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने बड़े पैमाने पर बदलाव शुरू कर दिए हैं। इसके तहत पुराने और अपेक्षाकृत कम सक्रिय विशेषज्ञों को हटाने के साथ ही क्वैश्चन बैंक के सवाल भी बदले जा रहे हैं।
UKPSC Paper Leak: चार स्तर पर विशेषज्ञ जिस पेपर को करते हैं तैयार, वहीं से लीक किए गए थे सवाल
दरअसल, पटवारी भर्ती के 380 सवाल अति गोपन विभाग के अनुभाग अधिकारी संजीव चतुर्वेदी ने लीक कर दिए थे। आयोग ने स्वीकार किया था कि पटवारी भर्ती में इनमें से 35 सवाल आए हैं। परीक्षा रद्द करके 12 फरवरी की तिथि तय कर दी। अभ्यर्थियों के विरोध के चलते मंगलवार को आयोग ने पीसीएस मुख्य परीक्षा और फॉरेस्ट गार्ड परीक्षा की तिथियां भी आगे बढ़ा दी थीं।
आयोग ने साफ कर दिया था कि अब आगामी भर्तियों में नए सवाल शामिल किए जाएंगे। पुराने पेपर और सवालों को हटा दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, अब आयोग ने बड़े पैमाने पर बदलाव शुरू कर दिए हैं। आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि बड़े पैमाने पर बदलाव किए जा रहे हैं। परीक्षाओं को और सुरक्षित बनाया जाएगा।
यह हो रहे बदलाव
- पुराने और कम सक्रिय विशेषज्ञों को हटाकर आयोग नए विशेषज्ञ शामिल कर रहा है।
- परीक्षा के विशेषज्ञ केवल उत्तराखंड नहीं बल्कि देशभर के विश्वविद्यालयों से लिए जा रहे हैं।
- कुछ परीक्षाओं के क्वैश्चन बैंक के सवालों को पूरी तरह से हटाया जा रहा है, नए सवाल शामिल किए जा रहे हैं।
- आयोग एक ऐसा क्वैश्चन बैंक बनाने की कवायद में जुट गया है जो कि न केवल पूर्ण सुरक्षित हो बल्कि जिसमें सवालों की संख्या भी दस हजार से अधिक हो, ताकि दोबारा इस तरह की समस्या पेश ही न आए।
- विषय विशेषज्ञों का चयन करने के लिए पहले जांच पड़ताल की जाएगी। ऐसे विशेषज्ञ चुने जाएंगे जो कि कहीं किसी तरह के विवाद में न फंसे हों।
अपने अधिकारियों की अंदरखाने जांच कराएगा आयोग
सूत्रों के मुताबिक, आयोग में महत्वपूर्ण पदों पर काम कर रहे अधिकारियों, कर्मचारियों को लेकर भी आयोग ने सख्त योजना बनाई है। इन सभी की अंदरखाने जांच कराई जाएगी। यह देखा जाएगा कि उनका रहन-सहन कैसा है। क्या उनके पास आय से अधिक संपत्ति तो नहीं है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार पहले ही डीजीपी और अपर मुख्य सचिव गृह विभाग को पत्र भेजकर एलआईयू तैनात कराने की मांग कर चुके हैं।