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Dehradun News: 18 साल से फाइलों में कैद पार्किंग योजना, रोजाना हाईवे पर रेंग रहे वाहन
Thu, 17 Sep 2026 07:27 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Updated Thu, 17 Sep 2026 07:27 PM IST
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शहर में समुचित पार्किंग व्यवस्था न होने के कारण दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर आए दिन भीषण जाम की स्थिति बनी रहती है। नगर क्षेत्र में पार्किंग निर्माण की कवायद पिछले 18 वर्षों से चल रही है, लेकिन यह योजना अब तक केवल बोर्ड बैठकों, प्रस्तावों और कागजी फाइलों तक ही सीमित है। पार्किंग न होने के कारण वाहन चालक बाजार क्षेत्र में सड़क पर ही वाहन खड़े करने को मजबूर हैं, जिससे जाम की समस्या अब विकराल रूप ले चुकी है।
नगर का मुख्य बाजार दिल्ली-यमुनोत्री राजमार्ग पर स्थित है। बाजार खुलने से पहले ही हर सुबह आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों, जौनसार बावर और सीमावर्ती हिमाचल प्रदेश से करीब 400 लोडर वाहनों के अलावा 300 से अधिक कार व दोपहिया वाहन बाजार में पहुंच जाते हैं। ये वाहन राजमार्ग की एक लेन पर पूरी तरह कब्जा कर लेते हैं। इससे शहर की यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो जाती है और राहगीरों का सड़क पर चलना मुहाल हो जाता है।
सिर्फ बैठकों में बनते रहे हवाई किले
पार्किंग की समस्या के समाधान के लिए सबसे पहले साल 2008 में तत्कालीन पालिका अध्यक्ष शांति जुंवाठा के कार्यकाल में चर्चा शुरू हुई थी। बाजार से सटे क्षेत्र में पार्किंग बनाने का निर्णय लेते हुए प्रस्ताव पारित किया गया, लेकिन धरातल पर ईंट तक नहीं रखी गई। इसके बाद 2013 में तत्कालीन अध्यक्ष नीरज अग्रवाल के कार्यकाल में फिर से कागजी कवायद हुई, पर जमीन चिह्नित नहीं हो सकी। साल 2018 में शांति जुंवाठा के दोबारा अध्यक्ष बनने पर यह मुद्दा फिर उठा, शासन से पत्राचार हुआ, लेकिन नतीजा सिफर रहा। अब मौजूदा अध्यक्ष धीरज बॉबी नौटियाल के नेतृत्व में पालिका प्रशासन एक बार फिर से पार्किंग निर्माण की कवायद में जुटा है, लेकिन अभी तक इस दिशा में भूमि का चिह्नीकरण तक पूरा नहीं हो पाया है।
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नगर पालिका के पास संसाधनों का अभाव है। बाजार से सटे क्षेत्र में पार्किंग के लिए तीन स्थान- नगर पालिका बस अड्डा, क्रय-विक्रय समिति का गोदाम और सोसायटी का बीज गोदाम उपलब्ध हैं। इनमें से मात्र बस अड्डा ही पालिका के अधिकार क्षेत्र में है। अन्य दोनों स्थानों पर निर्माण के लिए भूमि का पालिका को हस्तांतरण कराना होगा, जिसकी प्रक्रिया थोड़ी जटिल है। यातायात सुधार के लिए नगर में पार्किंग बनना बेहद जरूरी है। - नीरज अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष, नगर पालिका विकासनगर
पूर्व में पार्किंग की डीपीआर बनाकर शासन को भेजी गई थी, जिसे अस्वीकृत कर दिया गया था। इसके पश्चात पालिका प्रशासन ने नगर पालिका बस अड्डे पर काबिज 16 लोगों को भूमि खाली करने का नोटिस दिया है। इस भूमि को खाली कराकर पार्किंग की संशोधित डीपीआर जल्द ही शासन को भेजी जाएगी। - धीरज बॉबी नौटियाल, अध्यक्ष, नगर पालिका विकासनगर
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नगर का मुख्य बाजार दिल्ली-यमुनोत्री राजमार्ग पर स्थित है। बाजार खुलने से पहले ही हर सुबह आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों, जौनसार बावर और सीमावर्ती हिमाचल प्रदेश से करीब 400 लोडर वाहनों के अलावा 300 से अधिक कार व दोपहिया वाहन बाजार में पहुंच जाते हैं। ये वाहन राजमार्ग की एक लेन पर पूरी तरह कब्जा कर लेते हैं। इससे शहर की यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो जाती है और राहगीरों का सड़क पर चलना मुहाल हो जाता है।
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सिर्फ बैठकों में बनते रहे हवाई किले
पार्किंग की समस्या के समाधान के लिए सबसे पहले साल 2008 में तत्कालीन पालिका अध्यक्ष शांति जुंवाठा के कार्यकाल में चर्चा शुरू हुई थी। बाजार से सटे क्षेत्र में पार्किंग बनाने का निर्णय लेते हुए प्रस्ताव पारित किया गया, लेकिन धरातल पर ईंट तक नहीं रखी गई। इसके बाद 2013 में तत्कालीन अध्यक्ष नीरज अग्रवाल के कार्यकाल में फिर से कागजी कवायद हुई, पर जमीन चिह्नित नहीं हो सकी। साल 2018 में शांति जुंवाठा के दोबारा अध्यक्ष बनने पर यह मुद्दा फिर उठा, शासन से पत्राचार हुआ, लेकिन नतीजा सिफर रहा। अब मौजूदा अध्यक्ष धीरज बॉबी नौटियाल के नेतृत्व में पालिका प्रशासन एक बार फिर से पार्किंग निर्माण की कवायद में जुटा है, लेकिन अभी तक इस दिशा में भूमि का चिह्नीकरण तक पूरा नहीं हो पाया है।
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नगर पालिका के पास संसाधनों का अभाव है। बाजार से सटे क्षेत्र में पार्किंग के लिए तीन स्थान- नगर पालिका बस अड्डा, क्रय-विक्रय समिति का गोदाम और सोसायटी का बीज गोदाम उपलब्ध हैं। इनमें से मात्र बस अड्डा ही पालिका के अधिकार क्षेत्र में है। अन्य दोनों स्थानों पर निर्माण के लिए भूमि का पालिका को हस्तांतरण कराना होगा, जिसकी प्रक्रिया थोड़ी जटिल है। यातायात सुधार के लिए नगर में पार्किंग बनना बेहद जरूरी है। - नीरज अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष, नगर पालिका विकासनगर
पूर्व में पार्किंग की डीपीआर बनाकर शासन को भेजी गई थी, जिसे अस्वीकृत कर दिया गया था। इसके पश्चात पालिका प्रशासन ने नगर पालिका बस अड्डे पर काबिज 16 लोगों को भूमि खाली करने का नोटिस दिया है। इस भूमि को खाली कराकर पार्किंग की संशोधित डीपीआर जल्द ही शासन को भेजी जाएगी। - धीरज बॉबी नौटियाल, अध्यक्ष, नगर पालिका विकासनगर