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Dehradun News: कांग्रेस ने 1320 मेगावाट बिजली खरीद प्रक्रिया पर उठाए सवाल
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देहरादून। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने अदाणी पावर से 1320 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीद की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए सरकार से टेंडर की शर्तों में बदलाव पर जवाब मांगा है।
आर्य ने कहा, प्रदेश सरकार ने 1320 मेगावाट कोयला आधारित बिजली की दीर्घकालीन खरीद प्रक्रिया शुरू की थी। यूपीसीएल ने विद्युत नियामक आयोग को राज्य की बढ़ती बिजली आवश्यकता बताई थी। इसके लिए टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली का रास्ता अपनाया गया था। आर्य ने बताया कि मूल टेंडर में 86 शर्तें थीं, जिनमें से 84 में संशोधन किया गया। उन्होंने सरकार से मूल और संशोधित शर्तों को सार्वजनिक करने की मांग की। नेता प्रतिपक्ष ने सवाल किया कि इन बदलावों का प्रस्ताव किसने दिया और किन अधिकारियों ने इन्हें मंजूरी दी। टेंडर प्रक्रिया में सभी संभावित बोलीदाताओं को समान अवसर दिया गया।
उन्होंने कहा राज्य की बिजली आवश्यकता के लिए परियोजना राज्य से बाहर क्यों रखी गई। सरकार के रिकॉर्ड के अनुसार, छत्तीसगढ़ में आवंटित कोयला ब्लॉक का उपयोग होना था। उन्होंने कोयला, बिजली और उससे जुड़ी लॉजिस्टिक्स की लागत का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की।
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नेता प्रतिपक्ष ने कहा, कैबिनेट में अदाणी पावर से 1320 मेगावाट बिजली खरीद के लिए 25 वर्ष के बिजली खरीद समझौते को मंजूरी दी है। समझौते में स्वीकृत दर 5.746 रुपये प्रति यूनिट निर्धारित की गई। 25 वर्षों में यह खरीद लगभग 1.66 लाख करोड़ रुपये की संभावित राशि है। उन्होंने निविदा प्रक्रिया, सभी संशोधित शर्तें, बोलीदाताओं की बोलियां, मूल्यांकन रिपोर्ट और 25 वर्षीय बिजली खरीद समझौते की स्वतंत्र जांच की मांग की है।
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आर्य ने कहा, प्रदेश सरकार ने 1320 मेगावाट कोयला आधारित बिजली की दीर्घकालीन खरीद प्रक्रिया शुरू की थी। यूपीसीएल ने विद्युत नियामक आयोग को राज्य की बढ़ती बिजली आवश्यकता बताई थी। इसके लिए टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली का रास्ता अपनाया गया था। आर्य ने बताया कि मूल टेंडर में 86 शर्तें थीं, जिनमें से 84 में संशोधन किया गया। उन्होंने सरकार से मूल और संशोधित शर्तों को सार्वजनिक करने की मांग की। नेता प्रतिपक्ष ने सवाल किया कि इन बदलावों का प्रस्ताव किसने दिया और किन अधिकारियों ने इन्हें मंजूरी दी। टेंडर प्रक्रिया में सभी संभावित बोलीदाताओं को समान अवसर दिया गया।
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उन्होंने कहा राज्य की बिजली आवश्यकता के लिए परियोजना राज्य से बाहर क्यों रखी गई। सरकार के रिकॉर्ड के अनुसार, छत्तीसगढ़ में आवंटित कोयला ब्लॉक का उपयोग होना था। उन्होंने कोयला, बिजली और उससे जुड़ी लॉजिस्टिक्स की लागत का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की।
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नेता प्रतिपक्ष ने कहा, कैबिनेट में अदाणी पावर से 1320 मेगावाट बिजली खरीद के लिए 25 वर्ष के बिजली खरीद समझौते को मंजूरी दी है। समझौते में स्वीकृत दर 5.746 रुपये प्रति यूनिट निर्धारित की गई। 25 वर्षों में यह खरीद लगभग 1.66 लाख करोड़ रुपये की संभावित राशि है। उन्होंने निविदा प्रक्रिया, सभी संशोधित शर्तें, बोलीदाताओं की बोलियां, मूल्यांकन रिपोर्ट और 25 वर्षीय बिजली खरीद समझौते की स्वतंत्र जांच की मांग की है।