कोरोना की दहशत: डॉक्टर की ये सलाह मानेंगे तो वायरस नहीं करेगा अटैक, पढ़ें और सावधान रहें
कोरोनावायरस से इस समय लगभग पूरा विश्व दहशत में है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, कोरोनावायरस से भी खतरनाक वायरस पहले भी सक्रिय हुए हैं।
इनसे बड़ी संख्या में लोग ग्रसित हुए और मौत का शिकार भी हुए जबकि कोरोना में राहत वाली बात यह है कि इसमें मृत्यु दर बहुत कम है। फिर भी कोरोना को लेकर दहशत का माहौल बहुत ज्यादा है। ऐसे में डॉक्टर दहशत में न आने और एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं।
एमकेपी रोड स्थित आरोग्य धाम सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के निदेशक डॉ. विपुल कंडवाल ने बताया कि कोरोना (कोविद-19) वायरस विषाणुओं का एक बड़ा समूह है। जो इंसानों में सामान्य जुकाम से लेकर श्वसन तंत्र की गंभीर समस्या तक पैदा कर सकता है। इसके अलावा कोरोनावायरस से सार्स और मर्स जैसी जानलेवा बीमारियां भी हो सकती हैं।
वहीं रुद्रपुर के एक होटल में ठहरे ताईवान के छह नागरिको में कोरोनावायरस की आशंका से प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी लोगों की जांच की। लेकिन जांच में कोई लक्षण नहीं मिले हैं। बृहस्पतिवार को ताईवान से छह लोग एक होटल में पहुंचे थे।
इन लोगों को सिडकुल की एक वाहन निर्माता कंपनी में ट्रेनिंग देनी थी। लेकिन कोरोना के डर के कंपनी ने उन्हें वापस जाने को कह दिया। सीएमओ डॉ. शैलजा भट्ट ने बताया कि सभी छह लोगों की जांच की गई है। उनमें कोरोना के लक्षण नहीं है। सभी वापस दिल्ली जा रहे हैं। आज भीमताल विकास भवन में कोरोनावायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ डीएम सविन बंसल ने बैठक की और जरूरी दिशा निर्देश दिए।
कोरोना इंफेक्शन के लक्षण
डॉ. कंडवाल के मुताबिक, कोरोनावायरस की वजह से रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट यानी श्वसन तंत्र में हल्का इंफेक्शन हो जाता है। जैसा कि आमतौर पर कॉमन कोल्ड यानी सर्दी, जुकाम में देखने को मिलता है।
हालांकि इस बीमारी के लक्षण बेहद कॉमन है और कोई भी कोरोनावायरस से पीड़ित न हो तब भी उसमें ऐसे लक्षण दिख सकते हैं। जिसमें नाक बहना, सिर में तेज दर्द, खांसी और कफ, गला खराब, बुखार, थकान और उल्टी महसूस होना, सांस लेने में तकलीफ होना, निमोनिया और ब्रांकाइटिस।
फैलता है ऐसे कोरोना
यह वायरस बीमार रोगी के खांसने, छींकने से स्वस्थ इंसान के शरीर में सांस व मुंह के रास्ते प्रवेश करता है।
वायरस से बचने के सुझाव
- जब कोई खांसे या छींके तो आपको उस व्यक्ति से छह फीट से अधिक रखनी चाहिए, ताकि विषाणु आप तक जीवित न पहुंच सके।
- मुंह को मास्क से कवर कर रखें और रोज बदलें
- मास्क न होने पर कुहनी से मुंह ढक कर खांसे
- बचाव के लिए भीड़भाड़ वाले इलाके में प्रवेश न करें। शुरुआती दौर में संक्रमित व्यक्ति में कोई लक्षण नहीं दिखते बल्कि यह रोग को फैलाने मेें सक्षम होता है।
- किसी भी संभावित संक्रमित वस्तु को छूने के बाद हाथों को पानी साबुन से 20 सेकेंड तक धोएं।
- हाथ मिलाने से बचें, अभिवादन के लिए नमस्ते कर सकते हैं।
कोरोना को लेकर घबराने की नहीं सावधानी बरतने की जरूरत है। अफवाहों पर ध्यान न दें। उत्तराखंड में कोरोना का कोई केस अब तक सामने नहीं आया है। एक कोरोना मरीज के निजी अस्पताल में भर्ती होने का जो पत्र वायरल हुआ है, वह निराधार हैं। देहरादून के किसी निजी अस्पताल में कोरोना का मरीज भर्ती नहीं है। पत्र में गलत तथ्य लिखने वाले संबंधित चिकित्सा अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया है।
-डॉ. अमिता उप्रेती, स्वास्थ्य महानिदेशक
चाइनीज पिचकारी और रंगों से लोग कर रहे परहेज
होली का पर्व नजदीक आते ही नगर के बाजार सजने लगे हैं। हालांकि इस बार लोग कोरोनावायरस के प्रकोप के कारण चाइनीज रंग और पिचकारियों से लोग परहेज कर रहे हैं। दुकानदारों ने चाइनीज उत्पादों के विकल्प के तौर पर देशी ब्रांड के रंग और पिचकारियां मंगवा रखी हैं।
रंगों के त्योहार होली को लेकर धीरे-धीरे उत्साह बढ़ता जा रहा है। पर्व के लिए नगर के बाजारों में दुकानें सजने लगी है। नगर के रेलवे रोड के बाजार में पिचकारियों और अबीर गुलाल की दुकानें सज गई हैं। इस बार बाजारों में हर्बल रंग अधिक आए हैं।
गुलाल और पानी में मिलाने वाले रंग भी पूरी तरह से हर्बल है। बाजारों में डोरेमोन, मिक्की माउस, पोकेमान, छोटा भीम, मोटू पतलू के अलावा विभिन्न प्रकार की बड़े टैंक वाली पिचकारियां बच्चों को लुभा रही है। चाइनीज पिचकारियों ओर रंगों से लोग पूरी तरह से परहेज कर रहे हैं।
बाजारों से भी चाइनीज सामान नदारद हैं। किराना की दुकानों से भी लोग त्योहार का सामान खरीदने के लिए पहुंचने लगे हैं। पूजा की सामग्री और घरों में बनाने वाले पकवान और मिष्ठान के लिए महिलाएं सामग्रियां खरीदने के लिए आ रही हैं। महिलाएं बाजारों में आ रहे रेडीमेड खाद्य पदार्थों की बजाय घरों में सामान बनाने के लिए अधिक उत्सुक दिख रही है।