फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Panic button Now women passengers will have to press panic button three times Uttarakhand news in hindi

Uttarakhand: महिला यात्रियों को अब तीन बार दबाना होगा पैनिक बटन, जानिए क्यों करना पड़ा ये बदलाव

Wed, 23 Nov 2022 09:16 AM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Wed, 23 Nov 2022 09:16 AM IST
सार

प्रदेश में अभी तक 20 हजार से ज्यादा वाहनों में पैनिक बटन लग चुके हैं।अब पैनिक बटन को कम से कम तीन बार दबाने का प्रावधान किया जाएगा। वहीं प्रदेश में 108 इमरजेंसी एंबुलेंस सेवा और 112 को एकीकृत किया जाएगा। इसके लिए पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के बीच जल्द ही बैठक होगी।

विज्ञापन
Panic button Now women passengers will have to press panic button three times Uttarakhand news in hindi
पैनिक बटन - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सवारी वाहनों में सफर कर रहीं महिलाओं को पुलिस की मदद पाने के लिए अब पैनिक बटन को तीन बार दबाना होगा। दरअसल अनजाने में पैनिक बटन दबाने की काफी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। गृह विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने पुलिस ने यह परेशानी बताई थी। अब पैनिक बटन के प्रयोग में संशोधन किया जाएगा।

विज्ञापन


बीते दिनों हुई बैठक में बताया गया कि वाहनों में लगे पैनिक बटन से जो सूचनाएं 112 इमरजेंसी नंबर पर प्राप्त हो रही हैं, उनमें बड़ी तादाद झूठी या अनजान सूचनाओं की है। जब पुलिस उन वाहनों तक पहुंचती है तो पता चलता है कि भूलवश पैनिक बटन दबा दिया गया।
विज्ञापन


कई बार हाथ लगने से भी पैनिक बटन दब रहा है। इसके चलते पुलिस को अनावश्यक भागदौड़ करनी पड़ रही है। लिहाजा, बैठक में तय किया गया कि गृह विभाग की ओर से परिवहन विभाग को एक पत्र भेजा जाएगा। इसमें पैनिक बटन को कम से कम तीन बार दबाने का प्रावधान किया जाएगा। गौरतलब है कि प्रदेश में अभी तक 20 हजार से ज्यादा वाहनों में पैनिक बटन लग चुके हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें...Exclusive: उत्तराखंड सरकार का 33 करोड़ का वेब पोर्टल बना सफेद हाथी, थाईलैंड की कंपनी ने किया था तैयार
 

108 सेवा और 112 एकीकृत होगी
प्रदेश में 108 इमरजेंसी एंबुलेंस सेवा और 112 को एकीकृत किया जाएगा। इसके लिए पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के बीच जल्द ही बैठक होगी। इसके बाद अगर इमरजेंसी में किसी को एंबुलेंस की जरूरत होगी तो उसे सीधे 112 नंबर ही मिलाना होगा। इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग और पुलिस दोनों को पहुंच जाएगी। एक्सीडेंट होने की सूरत में पुलिस भी तत्काल मौके पर पहुंच सकेगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed