उत्तराखंड: चुनाव को लेकर त्रिस्तरीय पंचायतों के पुनर्गठन का नया कार्यक्रम जारी, यहां पढें पूरी लिस्ट
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नगर निकाय चुनाव के चलते पंचायतीराज विभाग ने त्रिस्तरीय पंचायतों के पुनर्गठन एवं परिसीमन का नया कार्यक्रम जारी किया है। जिसमें 26 नवंबर से 24 दिसंबर तक ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन किया जाएगा। जबकि 26 दिसंबर से 8 जनवरी 2019 तक क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायतों का पुनर्गठन एवं परिसीमन होगा। इस संबंध में पंचायतीराज विभाग की ओर शासनादेश जारी कर दिया है।
प्रदेश में अगले साल होने वाले त्रिस्तरीय पंचायतों के चुनाव के लिए सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश में नगर निकाय चुनाव में कर्मचारियों की व्यस्तता के कारण विभाग ने पंचायतों के पुनर्गठन एवं परिसीमन के लिए पूर्व में जारी शासनादेश निरस्त कर नया कार्यक्रम जारी कर दिया है। हरिद्वार जिले को छोड़ कर शेष सभी जिलों में ग्राम पंचायत, क्षेत्र व जिला पंचायतों का नए सिरे से पुनर्गठन व परिसीमन किया जाएगा।
प्रभारी सचिव पंचायतीराज डा.रंजीत कुमार सिन्हा की ओर से जारी आदेश के अनुसार त्रिस्तरीय पंचायतों का पुनर्गठन व परिसीमन वर्ष 2011 की जनसंख्या के आधार पर किया जाएगा। ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन के लिए पर्वतीय क्षेत्रों में न्यूनतम 500 और अधिकतम 2000 की आबादी और मैदानी क्षेत्रों के लिए न्यूनतम एक हजार और अधिकतम 10 हजार की आबादी तय की गई है।
बता दें कि प्रदेश में ग्राम पंचायतों का वर्ष 2013 में पुनर्गठन व परिसीमन किया गया था। जिसमें कई विसंगतियां रह गई थी। आगामी पंचायत चुनाव से पहले इन विसंगतियों को दूर करने के लिए नए सिरे से परिसीमन किया जाएगा।
क्षेत्र व जिला पंचायत के ये मानक
क्षेत्र पंचायत के लिए पर्वतीय क्षेत्र में 25 हजार की आबादी वाले विकास खंडों में 20 निर्वाचन क्षेत्र व इससे अधिक जनसंख्या वाले ब्लाकों में 40 से अधिक निर्वाचन क्षेत्र नहीं होंगे। मैदानी क्षेत्रों में 50 हजार आबादी पर 20 निर्वाचन क्षेत्र होंगे। इससे अधिक आबादी वाले ब्लाक में 40 से ज्यादा चुनाव क्षेत्र नहीं होंगे। जिला पंचायत के पुनर्गठन एवं परिसीमन के लिए पर्वतीय क्षेत्र में क्षेत्र के 24 हजार तक आबादी वाले ब्लाक में न्यूनतम दो निर्वाचन क्षेत्र होंगे।
इससे अधिक आबादी वाले विकास खंड में आबादी बढ़ोत्तरी के अनुपात में निर्वाचन क्षेत्र बनेंगे। मैदानी क्षेत्र में 50 हजार की आबादी वाले ब्लाक में दो निर्वाचन क्षेत्र होंगे। इससे अधिक आबादी वाले ब्लाक में भी आबादी बढ़ोत्तरी के अनुपात में निर्वाचन क्षेत्र बनेंगे।
डीएम की अध्यक्षता में बनेगी समिति
परिसीमन पर आने वाली आपत्तियों के निस्तारण के लिए संबंधित जिलों के जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी। जिसमें मुख्य विकास अधिकारी, जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी सदस्य व जिला पंचायतराज अधिकारी सदस्य सचिव होेंगे।
ग्राम पंचायतों में परिसीमन का नया कार्यक्रम
तिथि कार्यक्रम
26 से 29 नवंबर प्रस्तावों का परीक्षण एवं सूची तैयार करना
30 नवंबर प्रस्तावों का अनन्तिम प्रकाशन
1 से 4 दिसंबर आपत्तियां मांगी जाएंगी
5 से 6 दिसंबर आपत्तियों का निस्तारण
7 दिसंबर अंतिम प्रस्तावों का प्रकाशन कर निदेशालय को भेजना
10 से 14 दिसंबर नई व उससे प्रभावित पंचायतों के परिसीमन प्रस्ताव तैयार होंगे
15 दिसंबर निर्वाचन क्षेत्रों की सूची का अनन्तिम प्रकाशन
17 से 18 दिसंबर प्रस्ताव पर आपत्तियों मांगी जाएंगी
19 से 21 दिसंबर आपत्तियों का निस्तारण
22 दिसंबर परिसीमन प्रस्तावों का अंतिम प्रकाशन
24 दिसंबर निर्वाचन क्षेत्रों की सूचियों को निदेशालय भेजना
क्षेत्र व जिला पंचायत के लिए परिसीमन कार्यक्रम
तिथि कार्यक्रम
26 से 29 दिसंबर पुनर्सीमांकन के प्रस्तावों की तैयारी
31 दिसंबर निर्वाचन क्षेत्रों की सूची का अनन्तिम प्रकाशन
1 से 3 जनवरी प्रस्तावों पर आपत्तियां मांगी जाएंगी
4 से 5 जनवरी आपत्तियों का निस्तारण
7 जनवरी अंतिम प्रकाशन
8 जनवरी निर्वाचन क्षेत्रों की सूची निदेशालय भेजना