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Uttarakhand: चुवानों से पहले देहरादून जिले में अन्य पिछड़े वर्ग का सर्वेक्षण शुरू, अवधि 21 फरवरी तक बढ़ी
Tue, 14 Feb 2023 10:18 AM IST
देहरादून ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 14 Feb 2023 10:18 AM IST
सार
अन्य पिछड़ा वर्ग के सर्वेक्षण के लिए परगनाधिकारियों और अन्य समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों को जोनल अधिकारी बनाया गया है। देहरादून जनपद में एडीएम वित्त एवं राजस्व को तहसीलवार सर्वेक्षण के लिए नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
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सर्वे(प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : Istock
विस्तार
हरिद्वार के त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के बाद अब एकल आयोग की ओर से सभी निकायों व त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों से पहले ओबीसी सर्वेक्षण का काम चल रहा है। सभी जिलों के डीएम के स्तर से यह काम किया जा रहा है। इसकी अवधि 21 फरवरी तक बढ़ा दी गई है।
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अपर मुख्य सचिव शहरी विकास आनंदबर्द्धन की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, पहले सर्वेक्षण का काम 31 जनवरी तक पूरा होना था। एकल सदस्य समर्पित आयोग के पत्र के तहत अब सर्वेक्षण की अवधि 21 फरवरी तक बढ़ा दी गई है। सभी जिलों से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। सर्वेक्षण की रिपोर्ट के आधार पर ही निकाय व पंचायत चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग की सीटों का आरक्षण तय होगा।
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वहीं, देहरादून में भी सर्वेक्षण शुरू कर दिया है। ताकि, अन्य पिछड़ा वर्ग की सीटें निर्धारित की जा सकें। इसके लिए बनाई गई ट्रिपल टेस्ट की व्यवस्था पर सरकारी मशीनरी ने धरातल पर कार्य शुरू कर दिया है।
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अन्य पिछड़ा वर्ग के सर्वेक्षण के लिए परगनाधिकारियों और अन्य समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों को जोनल अधिकारी बनाया गया है। देहरादून जनपद में एडीएम वित्त एवं राजस्व को तहसीलवार सर्वेक्षण के लिए नोडल अधिकारी नामित किया गया है। जनपद में तहसीलवार अन्य पिछड़ा वर्ग सर्वेक्षण कार्य के लिए 18 जोनल अधिकारी बनाए गए हैं। एसडीएम सदर नरेश चंद्र दुर्गापाल को नगर निगम क्षेत्र के सभी वार्डों के लिए प्रभारी बनाया गया है।
इसके अलावा मुख्य कृषि अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, जिपं. अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, क्षेत्रीय सेवा योजन अधिकारी, जिला पर्यटन अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, महाप्रबंधक उद्योग, सहायक निदेशक डेयरी को सर्वे की कमान सौंपी गई है। ऋषिकेश, डोईवाला, विकासनगर व मसूरी में एसडीएम व तहसीलदार को जिम्मेदारी दी गई है।
ऐसे चल रहा सर्वे
शासनादेश के तहत प्रत्येक जोनल अधिकारी-परगनाधिकारी न्यूनतम पांच प्रतिशत की चैकिंग संबंधित घरों पर जाकर करेंगे। बीएलओ व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं अथवा अन्य राजकीय कार्मिकों को प्रगणक के रूप में और पर्यवेक्षण कार्य में लगाया गया है। सामान्यतः आठ से 10 प्रगणकों पर एक पर्यवेक्षक तैनात रहेगा। पर्यवेक्षक के रूप में राजस्व विभाग के कार्मिकों को नियुक्त किया गया है।
यह है ट्रिपल टेस्ट की व्यवस्था
-आंकड़ों को तैयार कर उनकी जांच की जाएगी और निश्चित समय सीमा के अंदर शहरी विकास निदेशालय को आंकड़े भेजे जाएंगे। इसका उत्तरदायित्व जिलाधिकारी का होगा।
-जनपद के अपर जिलाधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया। जिलाधिकारी ने अपने क्षेत्र के अंतर्गत पढ़ने वाले नगरीय क्षेत्रों में इस कार्य के लिए परगनाधिकारियों और अन्य समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों को जोनल अधिकारी के रूप में नियुक्त किया है।
- प्रत्येक प्रगणक एक कक्ष के 250 परिवारों में से पिछड़े वर्गों के व्यक्तियों की संख्या को चिन्हित कर उनकी सूची बनाएंगे। उनकी संख्या का पता लगाकर निर्धारित प्रपत्रों पर दर्ज करेंगे।
-कार्य समाप्त होने पर उसमें उपलब्ध आंकड़े के सही संकलन की जिम्मेदारी जिलाधिकारी की होगी।
सर्वे का कार्य शुरू कर दिया है। सभी तहसीलों में संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी देकर जोनल अधिकारी बनाया गया है। सर्वे कार्य को तय समय सीमा में पूरा कराया जाएगा।
-केके मिश्रा, एडीएम, वित्त एवं राजस्व