उत्तराखंडः देहरादून में भारी बारिश, जलभराव से सहमे नीचले इलाके के लोग
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पहाड़ में मानसूनी बारिश अब जनजीवन पर भारी पड़ रही है। बुधवार देर रात से शुरू हुई बारिश का सिलसिला बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। वहीं शुक्रवार को भी राजधानी देहरादून में रुक-रुक कर बारिश होती रही। दोपहर ढाई बजे के बाद देहरादून में झमाझम बारिश शुरू हो गई। जिससे शहर के कई इलाकों में काफी जलभराव हो गया है। राजधानी के मुख्य क्षेत्र रेंजर्स ग्राउंड के पास भारी जलभराव हो गया। जिससे आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। खासकर दुपहिया वाहन चालकों को गाड़ी चलाना मुश्किल हो गया।
मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि उत्तराखंड के सात जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश हो सकती है। यह आशंका देखते हुए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पिथौरागढ़ के बुंगाछीना अलगड़ा मोटर मार्ग मलबा आने से बंद हो गया है। शहीद जवाहर सिंह मोटर मार्ग भी बंद पड़ा है। जिन्हें शाम तक खोल दिया जाएगा।
मौसम विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार राजधानी देहरादून समेत प्रदेश के सात जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका बनी हुई है। नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़, ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार और पौड़ी गढ़वाल में बारिश होने का अनुमान है। वहीं प्रदेश के अन्य जिलों में भी बारिश हो सकती है। मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि फिलहाल बारिश की संभावना लगातार बनी हुई है।
टिहरी के घनसाली क्षेत्र में घरों में घुसा बरसाती मलबा
पहाड़ में मानसूनी बारिश अब जनजीवन पर भारी पड़ रही है। बुधवार देर रात से शुरू हुई बारिश का सिलसिला बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। इससे राजमार्गों के अवरुद्ध होने के साथ ही कई स्थानों पर दूध, सब्जी, अखबार और अन्य जरूरी वस्तुओं की सप्लाई ठप रही।
टिहरी जिले के घनसाली क्षेत्र में मूसलाधार बारिश से दोगडा गदेरे का मलबा और पानी कोठियाड़ा गांव के 18 घरों में घुसने से अफरातफरी मच गई। ग्रामीणों ने घरों से भागकर जान बचाई। मलबे से कोठियाड़ा सिंचाई नहर और पेयजल योजना भी क्षतिग्रस्त हो गई।
रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे सात घंटे तक बंद रहा
रुद्रप्रयाग जिले में भीरी और बांसवाड़ा के बीच पहाड़ी का बड़ा हिस्सा ढहने से रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे सात घंटे तक बंद रहा। वाहनों के जाम में फंसने से केदारघाटी में जरूरी वस्तुओं की सप्लाई भी नहीं हो पाई। जिले में दस संपर्क मोटर मार्गों पर भी आवाजाही ठप पड़ी है।
उत्तरकाशी जिले में जगह-जगह हुए भूस्खलन से उत्तरकाशी-लंबगांव मोटर मार्ग के साथ ही गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे अवरुद्ध हो गए। गंगोत्री हाईवे बड़ेथी चुंगी मंगलवार देर रात से ही बंद पड़ा है। हालांकि मनेरा बाईपास से रूट डायवर्ट किए जाने से यहां यातायात सुचारु है। चमोली जिले में बारिश के चलते 12 संपर्क मोटर मार्ग बाधित हुए थे। इनमें 11 सड़कों को देर शाम तक वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है।
चारधाम यात्रा सुचारु, हजारों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
भारी बारिश के चलते हाईवे और संपर्क मार्गों के बाधित होने के बावजूद चारधाम यात्रा सुचारु बनी हुई है। बृहस्पतिवार को बारिश का सिलसिला लगातार जारी रहने के बाद भी चारों धामों में यात्रियों के पहुंचने का क्रम बना रहा। केदारनाथ में मौसम का मिजाज दिनभर बिगड़ा रहा।
यहां सुबह से घने बादल छाए रहे, दोपहर से बारिश शुरू हो गई, जो देर शाम तक जारी रही। केदार धाम में बृहस्पतिवार को करीब 2000 यात्रियों ने दर्शन किए जबकि 5300 यात्री धाम पहुंचे हैं। इसी प्रकार बदरीनाथ में 3240 और हेमकुंड साहिब में 705 यात्रियों ने दर्शन किए। गंगोत्री में 3677 और यमुनोत्री धाम में 984 यात्रियों ने दर्शन किए। कांवड़ यात्रा के चलते गंगोत्री में यात्रियों की संख्या में इजाफा हुआ है।