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Dehradun News: जन्म-मृत्यु पंजीकरण में मजिस्ट्रेटी आदेश का विरोध, तहसील में अनशन

Fri, 11 Sep 2026 01:55 AM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून Updated Fri, 11 Sep 2026 01:55 AM IST
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Opposition to magisterial order regarding birth and
दो वर्ष से अधिक पुराने जन्म-मृत्यु पंजीकरण के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश की अनिवार्यता का जौनसार बावर के ग्रामीणों ने कड़ा विरोध शुरू कर दिया है। बृहस्पतिवार को पूर्व प्रधान गोपाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन कर अनशन किया। प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर पूर्व की भांति सत्यापन और अनुमति का अधिकार वापस एसडीएम को ही देने की मांग की।
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पूर्व प्रधान गोपाल ने कहा कि जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र हर व्यक्ति के लिए बेहद आवश्यक दस्तावेज हैं, इसलिए इनका पंजीकरण स्थानीय स्तर पर और सरल होना चाहिए। नए नियम के तहत दो साल से पुराने मामलों में न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश अनिवार्य कर दिया गया है। दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों के ग्रामीणों को न्यायालय की इस जटिल प्रक्रिया के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी। इससे गरीब परिवारों पर अधिवक्ता की फीस, शपथ पत्र और यात्रा के खर्च का अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ेगा, जो न्यायसंगत नहीं है।
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ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी इस मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया और मजिस्ट्रेटी आदेश की अनिवार्यता खत्म नहीं की गई, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। धरने में कमल रावत, सालक राम जोशी, भाव सिंह रावत, खुशीराम जोशी, राजेंद्र जोशी, टीकम रावत, चमन वर्मा, नंदलाल, प्रभु सिंह, प्रेमदास, रमेश, सुरेश और संदीप जोशी सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
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