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Dehradun News: एक ही ओपीडी में हो रहा व्यस्कों और बच्चों का उपचार
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I- उप जिला अस्पताल में एक ही कतार में खड़े होते हैं दोनों ओपीडी के मरीज
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I-350 मरीज प्रतिदिन पहुंचते हैं सामान्य चिकित्सा और बाल रोग की ओपीडी मेंI
उप जिला अस्पताल में सामान्य और बाल रोग चिकित्सा की ओपीडी एक ही कमरे में चल रही है। दो बाल रोग विशेषज्ञ मिलकर रोजाना बीमार व्यस्क और बच्चों का एक साथ उपचार करते हैं। दो ओपीडी एक साथ चलने के कारण मरीजों को लंबी लाइन लगानी पड़ती है। इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अस्पताल बनने के बाद से यहां फिजिशियन की तैनाती नहीं हो पाई है।
उप जिला अस्पताल की दैनिक ओपीडी करीब 600 है। सामान्य चिकित्सा और बाल रोग की ओपीडी में ही करीब 350 मरीज रोज पहुंचते हैं। यहां जौनसार बावर, पछवादून ही नहीं सीमांत हिमाचल प्रदेश और उत्तरप्रदेश से भी मरीज आते हैं। जनवरी 2020 में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विकासनगर का उच्चीकरण कर उप जिला अस्पताल बनाया गया था। उच्चीकरण के पांच साल बीतने के बाद भी अस्पताल में फिजिशियन की तैनाती नहीं हो पाई है।
उप जिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केएस चौहान और बाल रोग विशेषज्ञ मंजू राणा मिलकर व्यस्क और बाल मरीजों को एक साथ देखते हैं। बीमार बच्चे और व्यस्क दोनों डॉक्टर को दिखाने के लिए एक कतार में खड़े होेते हैं। इसके चलते मरीजों को दिखाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है।
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Iउप जिला अस्पताल में शुरुआत से फिजिशियन का पद रिक्त है। मुख्यालय को फिजिशियन की तैनाती के लिए समय समय पर डिमांड भेजी जाती है, लेकिन पूरे प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी चल रही है। यू कोट वी पे के माध्यम से फिजिशियन की तैनाती का प्रयास किया जा रहा है।
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Iडॉ. विजय सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, उप जिला अस्पतालI
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I-350 मरीज प्रतिदिन पहुंचते हैं सामान्य चिकित्सा और बाल रोग की ओपीडी मेंI
उप जिला अस्पताल में सामान्य और बाल रोग चिकित्सा की ओपीडी एक ही कमरे में चल रही है। दो बाल रोग विशेषज्ञ मिलकर रोजाना बीमार व्यस्क और बच्चों का एक साथ उपचार करते हैं। दो ओपीडी एक साथ चलने के कारण मरीजों को लंबी लाइन लगानी पड़ती है। इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अस्पताल बनने के बाद से यहां फिजिशियन की तैनाती नहीं हो पाई है।
उप जिला अस्पताल की दैनिक ओपीडी करीब 600 है। सामान्य चिकित्सा और बाल रोग की ओपीडी में ही करीब 350 मरीज रोज पहुंचते हैं। यहां जौनसार बावर, पछवादून ही नहीं सीमांत हिमाचल प्रदेश और उत्तरप्रदेश से भी मरीज आते हैं। जनवरी 2020 में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विकासनगर का उच्चीकरण कर उप जिला अस्पताल बनाया गया था। उच्चीकरण के पांच साल बीतने के बाद भी अस्पताल में फिजिशियन की तैनाती नहीं हो पाई है।
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उप जिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केएस चौहान और बाल रोग विशेषज्ञ मंजू राणा मिलकर व्यस्क और बाल मरीजों को एक साथ देखते हैं। बीमार बच्चे और व्यस्क दोनों डॉक्टर को दिखाने के लिए एक कतार में खड़े होेते हैं। इसके चलते मरीजों को दिखाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है।
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Iउप जिला अस्पताल में शुरुआत से फिजिशियन का पद रिक्त है। मुख्यालय को फिजिशियन की तैनाती के लिए समय समय पर डिमांड भेजी जाती है, लेकिन पूरे प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी चल रही है। यू कोट वी पे के माध्यम से फिजिशियन की तैनाती का प्रयास किया जा रहा है।
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Iडॉ. विजय सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, उप जिला अस्पतालI