फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   only one officer for 227 tigers

227 बाघों की रक्षा के लिए केवल एक अफसर

Sun, 09 Mar 2014 11:55 AM IST
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 09 Mar 2014 11:55 AM IST
विज्ञापन
only one officer for 227 tigers

उत्तराखंड के 13 जिले, 70 प्रतिशत भूमि पर वन क्षेत्र और 227 बाघों समेत गुलदार, भालू, हिरन, बारहसिंगा जैसे वन्यजीवों की भरपूर तादाद वाले उत्तराखंड में इनकी सुरक्षा की कितनी चिंता की जाती है।

विज्ञापन


केवल एक अफसर
इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एंटी पोचिंग सेल के सिर्फ एक अफसर पर पूरे प्रदेश में वन्यजीवों के शिकार और तस्करी के मामलों पर नजर रखने का जिम्मा है।
विज्ञापन


यह अफसर धारचूला से लेकर देहरादून तक दौड़भाग करे भी तो अकेले दम पर तस्करी रोकना असंभव है। दूसरी ओर, केंद्र से पूरे बजट की व्यवस्था के बावजूद पांच साल से प्रदेश में विशेष बाघ सुरक्षा दल का गठन नहीं किया जा सका है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बाघ सुरक्षा दल गठित करने का निर्देश जारी
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने वर्ष 2009 में बाघों की बेहतर संख्या वाले 13 राज्यों में विशेष बाघ सुरक्षा दल गठित करने का निर्देश जारी किया।

एक सितंबर 2010 को उत्तराखंड सरकार ने जीओ भी जारी किया, लेकिन इससे आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई।

यह हाल तब है, जबकि उत्तराखंड बाघों की संख्या के लिहाज से देश में तीसरे स्थान पर है। इसके चलते यहां शिकारियों की सक्रियता भी बढ़ी है।

सुस्ती वन्यजीवों पर घातक
हैरत यह कि बाघ सुरक्षा दल के गठन और सभी 112 अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए बजट केंद्र से ही मिलना था। इसके बावजूद प्रदेश की सुस्ती वन्यजीवों पर घातक है।

बता दें कि बाघ सुरक्षा दल का गठन केवल कर्नाटक, उड़ीसा और महाराष्ट्र ने बनाया, जिसके लिए वर्ष 2013-14 में केंद्र से 1146 करोड़ रुपए दिए गए।

तस्करी हुई तेज
बाघों, गुलदार और अन्य वन्यजीवों की खालों और अंगों की तस्करी प्रदेश में लगातार बढ़ रही है। तीन साल में प्रदेश में चार सौ से अधिक ऐसे मामले सामने आ चुके हैं।

सूत्र बताते हैं कि इससे तीन गुना मामले तो खुले ही नहीं। इस सबके पीछे विभागीय सुस्ती को बड़ी वजह बताया जा रहा है।

मैं एंटी पोचिंग सेल को मजबूत बनाने के लिए जरूरी प्रयास कर रहा हूं। शासन को पत्र लिखकर बताया है कि हमें तीन वार्डन मिल जाएंगे तो रेंजर, डिप्टी रेंजर और विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं की सहायता से हम एंटी पोचिंग सेल को मजबूत बना सकेंगे। उम्मीद है जल्द ही कोई कार्रवाई होगी।

- एसएस शर्मा, प्रमुख वन संरक्षक

हमने प्रदेश शासन को कई बार विशेष बाघ सुरक्षा दल बनाने का दिशानिर्देश दिया है, लेकिन किसी तकनीकी दिक्कत से यह नहीं हो पा रहा। अगर प्रदेश यह दल बनाता है तो पूरा बजट केंद्र से ही मिलेगा। बाघों की सुरक्षा के मद्देनजर चयनित राज्यों के लिए यह दल आवश्यक है।
- डॉ. राजेश गोपाल, सदस्य सचिव, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed