उत्तराखंड: NH-74 के बाद सामने आया एक और करोड़ों का घोटाला, अधिकारियों में मचा हड़कंप
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एनएच-74 भूमि मुआवजे में 400 करोड़ के घोटाले के बीच अब एक और घोटाला सामने आया है। इस बार एनएच-74 में ही बिजली लाइन शिफ्टिंग घोटाला सामने आया है। आरोप है कि एनएचएआई के अफसरों ने जिस कंपनी को राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित बिजली के पोल और तार को हटाने का ठेका दिया, उसने विभागीय अभियंताआें से मिलीभगत कर भारी घपला कर डाला।
प्रकरण में विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा ने मुख्य अभियंता कुमाऊं को प्रकरण की जांच सौंपी है। वहीं, मुआवजा घोटाले के बाद अब नया घोटाला सामने आने से विभागीय अफसरों में खलबली मच गई है।
एनएच-74 बिजली पोल शिफ्टिंग घोटाले को लेकर जो बातें सामने आ रही हैं, उसके मुताबिक जिस कंपनी को बिजली के पोल और तारों को शिफ्ट करने का 60 करोड़ रुपये का ठेका दिया गया उसने यूपीसीएल के अफसरों से साठगांठ कर पुराने पोल और तार का ही इस्तेमाल कर दिया। जबकि, एनएचएआई के प्रावधानों के अनुसार, बिजली लाइन को शिफ्ट करते समय बिजली के नए पोल और तार का इस्तेमाल करना होता है।
कई अधिकारी पहले ही जेल में काट हरे सजा
अब प्रकरण सामने आने के बाद विभाग के आला अधिकारी बचाव की मुद्रा में आ गए हैं। उनका कहना है कि बिजली लाइन शिफ्टिंग की पूरी जिम्मेदारी एनएचएआई की है। एनएचएआई ने ही अपने स्तर पर कंपनी को ठेका दिया।
यूपीसीएल अभियंताओं की भूमिका तो केवल बिजली लाइन शिफ्टिंग की मॉनीटरिंग तक ही सीमित है। हालांकि, प्रकरण की जांच कराई जा रही है। मुख्य अभियंता कुमाऊं को जांच अधिकारी बनाया गया है और उनसे जल्द जांच करने के साथ ही रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। बता दें कि एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में हाल ही में दो आइएएस अधिकारियों पंकज पांडे और चंद्रेश यादव को निलंबित किया गया है। जबकि, इसी प्रकरण में एसएलओ डीपी सिंह समेत कई पीसीएस अधिकारी जेल में हैं।
प्रकरण संज्ञान में आया है और इसकी जांच कराई जा रही है। मुख्य अभियंता कुमाऊं को जांच सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, बिजली लाइन शिफ्टिंग का ठेका एनएचएआई ने ही दिया है। सुपरविजन चार्ज के रूप में यूपीसीएल ने 15 फीसदी बजट जमा कराया है। यूपीसीएल के एक अधिशासी अभियंता को नोडल अधिकारी बनाया गया है। तमाम पहलुओं की जांच कराई जा रही है। गड़बड़ी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-बीसीके मिश्रा, प्रबंध निदेशक यूपीसीएल