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SSP के बाद अब इन पर लटकी तबादले की तलवार
अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 03 Feb 2014 12:52 PM IST
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उत्तराखंड की नई सरकार का अगला लक्ष्य अफसरों की ट्रांसफर पोस्टिंग है। क्योंकि छह फरवरी से बजट सत्र है और 11 फरवरी को आचार संहिता लागू हो जाएगी तो इसलिए भी तबादले पहले ही होने है।
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व्यापक फेरबदल की संभावना
प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री का नाम स्पष्ट होने के बाद अब मुख्य सचिव को लेकर सभी जिज्ञासा बनी है। किसी भी सरकार के लिए ये दोनों पद ही सबसे ज्यादा अमह होते हैं। सचिवालय में भी व्यापक तौर पर फेरबदल होने की संभावना जताई जा रही है।
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दरअसल, अभी तक कुछ सचिव व प्रमुख सचिव के पास जरूरत से ज्यादा काम है और कुछ की हालत बेरोजगार जैसी है। इसलिए सचिवालय का कार्य विभाजन नए सिरे से होना है। केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर गए एक दो अफसरों को भी केंद्र सरकार से आग्रह करके वापस बुलाया जा सकता है।
फाइनल की जा रही सूची
सरकार की दूसरी बड़ी प्राथमिकता जिलों में कलैक्टरों व पुलिस कप्तानों की पोस्टिंग करना है। आज तो केवल देहरादून के एसएसपी केवल खुराना का ही तबादला हुआ है लेकिन माना जा रहा है कि जल्द ही आधा दर्जन जिलों की एक सूची फाइनल की जा रही है।
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हालांकि ऊधमसिंहनगर के डीएम पंकज पांडे व नैनीताल डीएम अक्षत गुप्ता को अभी बहुत कम समय हुआ है, लेकिन फिर भी इनका तबादला होने की कोई गारंटी नहीं है।
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देहरादून व हरिद्वार को बदला जा सकता है। पुलिस कप्तानों के मामले में लॉ एंड ऑर्डर को लेकर हरिद्वार का एसएसपी सबसे ऊपर है।
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ऊधमसिंहनगर की एसएसपी रिधिम अग्रवाल को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। नैनीताल के एसएसपी सदानंद दाते को भी दो वर्ष से ज्यादा समय हो चुका है। इसलिए अब फेरबदल तय माना जा रहा है।