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Uttarakhand: बिजली किल्लत से जूझ रहा प्रदेश अब कोयले से बनाएगा बिजली, केंद्रीय मंत्रालय ने दी सैद्धांतिक सहमति
Thu, 04 Jul 2024 07:12 AM IST
रेनू सकलानी
अमर उजाला ब्यूरो , देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो , देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Thu, 04 Jul 2024 07:12 AM IST
सार
ओडिशा में कोयला उपलब्धता के लिए मंत्रालय की सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है। टीयूईसीओ थर्मल पावर प्लांट से 1320 मेगावाट विद्युत उत्पादन करेगा।
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बिजली
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिजली किल्लत से जूझ रहा उत्तराखंड राज्य अब कोयले से बिजली बनाएगा। इसके लिए केंद्रीय मंत्रालय ने कोल ब्लॉक आवंटन को सैद्धांतिक सहमति दे दी है। थर्मल पावर प्लांट से 1320 मेगावाट बिजली उत्पादन होगा।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुरोध पर विद्युत मंत्रालय की ओर से यूजेवीएन लिमिटेड एवं टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के संयुक्त उपक्रम को कोयला आधारित तापीय बिजली संयंत्र की स्थापना के लिए सैद्धांतिक सहमति मिल गई है।
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इस संबंध में मुख्यमंत्री ने शक्ति नीति के अंतर्गत अप्रैल में कोयला आवंटन के लिए केंद्र सरकार को बताया था कि राज्य सरकार अपने सार्वजनिक उपक्रम यूजेवीएनएल और टीएचडीसी के संयुक्त उपक्रम में थर्मल पावर प्लांट लगाने की इच्छुक है।
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इसी क्रम में केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने भी उत्तराखंड राज्य को शक्ति नीति के अंतर्गत 1320 मेगावाट तापीय विद्युत उत्पादन के प्रयोजनार्थ कोयला आपूर्ति की प्रबल संस्तुति की थी। राज्य सरकार की ओर से टीएचडीसी तथा यूजेवीएन लिमिटेड के संयुक्त उपक्रम (टीयूईसीओ) के माध्यम से तापीय विद्युत संयंत्र स्थापना पर सहमति जताई गई।
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शक्ति नीति के अनुसार कोल इंडिया लिमिटेड केंद्र एवं राज्य सरकारों की उत्पादन कंपनियों तथा उनके संयुक्त उपक्रमों को अधिसूचित दरों पर कोयला आपूर्ति की अनुमति दे सकती है। इसी क्रम में टीयूईसीओ की ओर से कोयला आवंटन के लिए आवेदन किया गया था। कोयला आवंटन के बाद उत्पादित होने वाली बिजली से राज्य की विद्युत व्यवस्था में सुधार होगा।