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मानवता विकास के लिए अहिंसा, करुणा व समानता बहुत जरूरी : राज्यपाल
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अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने कहा कि मानवता विकास के लिए अहिंसा, करुणा, समानता बहुत जरूरी है। आज दुनिया कई समस्याओं जैसे अस्थिरता, पर्यावरण संकट व सामाजिक असमानता का सामना कर रही है। इन समस्याओं का समाधान केवल नीतियों से नहीं, बल्कि लोगों के अंदर बदलाव और अच्छे विचारों से ही संभव है।
रविवार को नई दिल्ली में अहिंसा विश्व भारती की ओर से जैन आचार्य लोकेश मुनि के जन्मोत्सव पर आयोजित विश्व शांति सद्भावना सम्मेलन में राज्यपाल ने कहा, महावीर स्वामी के अहिंसा, अनेकांतवाद और अपरिग्रह के संदेश को आज भी प्रासंगिक है। भारत हमेशा वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना को मानता आया है और दुनिया को एकता और भाईचारे का संदेश देता रहा है।
विकसित भारत 2047 का लक्ष्य केवल आर्थिक प्रगति नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों पर आधारित विकास है। उन्होंने आचार्य लोकेश मुनि के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वे समाज में नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण, नारी सम्मान और सामाजिक समरसता के लिए सराहनीय कार्य कर रहे हैं।
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देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने कहा कि मानवता विकास के लिए अहिंसा, करुणा, समानता बहुत जरूरी है। आज दुनिया कई समस्याओं जैसे अस्थिरता, पर्यावरण संकट व सामाजिक असमानता का सामना कर रही है। इन समस्याओं का समाधान केवल नीतियों से नहीं, बल्कि लोगों के अंदर बदलाव और अच्छे विचारों से ही संभव है।
रविवार को नई दिल्ली में अहिंसा विश्व भारती की ओर से जैन आचार्य लोकेश मुनि के जन्मोत्सव पर आयोजित विश्व शांति सद्भावना सम्मेलन में राज्यपाल ने कहा, महावीर स्वामी के अहिंसा, अनेकांतवाद और अपरिग्रह के संदेश को आज भी प्रासंगिक है। भारत हमेशा वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना को मानता आया है और दुनिया को एकता और भाईचारे का संदेश देता रहा है।
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विकसित भारत 2047 का लक्ष्य केवल आर्थिक प्रगति नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों पर आधारित विकास है। उन्होंने आचार्य लोकेश मुनि के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वे समाज में नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण, नारी सम्मान और सामाजिक समरसता के लिए सराहनीय कार्य कर रहे हैं।
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