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एनएच-74 घोटाला: डीपी सिंह और टीपी सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी
Sat, 02 Nov 2019 10:36 AM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
Published by: अलका त्यागी
Updated Sat, 02 Nov 2019 10:36 AM IST
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nh 74 scam
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश और विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण राजीव कुमार खुल्बे ने शुक्रवार को एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले की सुनवाई की। रुद्रप्रयाग के डिप्टी कलेक्टर डीपी सिंह और उत्तरकाशी के एडीएम तीरथ पाल सिंह की हाजरी माफी को निरस्त करते हुए न्यायालय ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने के आदेश दिए। अन्य सभी आरोपियों को अलग-अलग धाराओं में आरोपित कर दिया गया।
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बता दें कि ऊधमसिंह नगर में हुए एनएच-74 घोटाले का खुलासा होने के बाद तत्कालीन एडीएम (वित्त) प्रताप शाह ने 10 मार्च 2017 को पंतनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे की जांच के लिए शासन स्तर पर एसआईटी गठित की गई थी।
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जांच टीम ने घोटाले में पीसीएस अधिकारी, राजस्व कर्मियों और काश्तकारों समेत 27 लोगों को गिरफ्तार किया था। मामले में 24 लोगों पर लगे आरोपों की सुनवाई पूरी हो चुकी है। एक आरोपी की मौत हो चुकी है, जबकि आईएएस अधिकारी पंकज पांडे पर मुकदमे के लिए शासन से स्वीकृति नहीं मिली है। वहीं एक अन्य आईएएस चंद्रेश यादव बहाल हो चुके हैं।
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विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण की अदालत में शुक्रवार को सभी 24 आरोपियों पर चार्ज फ्रेम करने की कार्रवाई होनी थी। इस दौरान दो आरोपियों डीपी सिंह और तीरथ पाल सिंह की ओर से उनके अधिवक्ता ने न्यायालय में हाजरी माफी के लिए आवेदन किया।
इसे न्यायालय ने खारिज करते हुए दोनों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने के निर्देश दिए, जबकि अन्य सभी आरोपियों को अलग-अलग धाराओं में आरोपित (चार्ज फ्रेम) कर दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) सुशील कुमार शर्मा ने पैरवी की। शर्मा ने बताया कि इस मामले में अगली सुनवाई 14 नवंबर को होगी।