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लाखों की बस खरीदी, अब चलाने के लिए पैसे नहीं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी
Updated Sat, 17 Mar 2018 04:09 PM IST
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उत्तरकाशी के एक सीमावर्ती स्कूल के बच्चों को सांसद से गिफ्ट में मिली बस के खटारा हो जाने का खतरा पैदा हो गया है। सांसद निधि से खरीदी गई बस को चलाने के लिए न ड्राइवर और न तेल।यह बस पांच महीने से खड़ी है।
बस चालक व परिचालक के वेतन और डीजल का खर्चा इतना अधिक है कि स्कूल प्रबंधन ने इसे चलाने से हाथ खड़े कर दिए हैं। उपला टकनौर क्षेत्र स्थानीय ग्रामीणों की मांग टिहरी सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह ने हर्षिल इंटर कालेज को स्कूल बस खरीदने के लिए सांसद निधि से 18 लाख रुपये उपलब्ध कराए थे। शिक्षा विभाग ने 14.7 लाख रुपये में बस खरीदी और बाकी पैसा डीआरडीए के सरकारी खाते में जमा हो गया। विद्यालय की अध्यापक अभिभावक एसोसिएशन ने प्रति छात्र 500 रुपये प्रतिमाह किराया वसूल कर किसी तरह तीन महीने तक मुखबा, धराली से सुक्की, झाला, जसपुर के बीच यह स्कूल बस सेवा चलाई, लेकिन गरीब छात्रों से शुल्क वसूल नहीं होने से बस के खर्चे निकालना मुश्किल होने पर उन्होंने बस संचालन से हाथ खड़े कर दिए। अब यह बस बीते पांच माह से झाला में खड़ी है।
स्कूल बस सेवा ठप पड़ने से छात्र-छात्राओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य शिक्षा अधिकारी आरसी आर्य का कहना है कि स्कूल बस के डीजल आदि खर्च के लिए सांसद निधि में अवशेष धनराशि की मांग की जा रही है। नए शिक्षा सत्र में अभिभावकों के साथ बैठक कर बस संचालन का मैकेनिज्म तैयार किया जाएगा।
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बस चालक व परिचालक के वेतन और डीजल का खर्चा इतना अधिक है कि स्कूल प्रबंधन ने इसे चलाने से हाथ खड़े कर दिए हैं। उपला टकनौर क्षेत्र स्थानीय ग्रामीणों की मांग टिहरी सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह ने हर्षिल इंटर कालेज को स्कूल बस खरीदने के लिए सांसद निधि से 18 लाख रुपये उपलब्ध कराए थे। शिक्षा विभाग ने 14.7 लाख रुपये में बस खरीदी और बाकी पैसा डीआरडीए के सरकारी खाते में जमा हो गया। विद्यालय की अध्यापक अभिभावक एसोसिएशन ने प्रति छात्र 500 रुपये प्रतिमाह किराया वसूल कर किसी तरह तीन महीने तक मुखबा, धराली से सुक्की, झाला, जसपुर के बीच यह स्कूल बस सेवा चलाई, लेकिन गरीब छात्रों से शुल्क वसूल नहीं होने से बस के खर्चे निकालना मुश्किल होने पर उन्होंने बस संचालन से हाथ खड़े कर दिए। अब यह बस बीते पांच माह से झाला में खड़ी है।
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स्कूल बस सेवा ठप पड़ने से छात्र-छात्राओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य शिक्षा अधिकारी आरसी आर्य का कहना है कि स्कूल बस के डीजल आदि खर्च के लिए सांसद निधि में अवशेष धनराशि की मांग की जा रही है। नए शिक्षा सत्र में अभिभावकों के साथ बैठक कर बस संचालन का मैकेनिज्म तैयार किया जाएगा।
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