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निर्मल आय वर्ग मामला: योजनाओं की जांच, बिल्डरोंऔर रियल एस्टेट कारोबारियोें पर कार्रवाई की तैयारी शुरू

Sat, 25 Jun 2022 05:27 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sat, 25 Jun 2022 05:27 PM IST
सार

आवासीय योजना के बिल्डरों, रियल एस्टेट कारोबारियों द्वारा आवास आय वर्ग के लिए आवास ही नहीं बनाए गए। प्रावधानों को दरकिनार आवासीय योजनाओं का निर्माण कराए जाने का मामला सामने आने के बाद अब ऐसे बिल्डरों, रियल एस्टेट कारोबारियों को चिह्नित कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। 

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Nirmal Income Group case: Preparation for action on builders and real estate businessmen
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala

विस्तार

एमडीडीए सीमा क्षेत्र में निर्मित और निर्माणाधीन आवासीय योजनाओं में 15 फीसदी आवास निर्मल आय वर्ग के लोगों के लिए नहीं बनाने वाले बिल्डरों, रियल एस्टेट कारोबारियोें पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। शहरी विकास विभाग के निर्देश पर एमडीडीए द्वारा ऐसे सभी निर्मित और निर्माणाधीन आवासीय योजनाओं की जांच की जा रही, जिसमें प्रावधानों के तहत 15 फीसदी आवास निर्बल वर्ग के लोगों के लिए नहीं बनाए गए हैं।

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एमडीडीए अफसरों का कहना है कि जिस भी आवासीय योजना के बिल्डरों, रियल एस्टेट कारोबारियों द्वारा आवास आय वर्ग के लिए आवास नहीं बनाए गए, उन्हें चिह्नित कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। विकास प्राधिकरणों की सीमा क्षेत्र में निर्मित और निर्माणाधीन आवासीय योजनाओं में 15 फीसदी आवास निर्मल आय वर्ग के लोगों के लिए बनाने का प्रावधान है, लेकिन तमाम ऐसे रियल एस्टेट कारोबारी, बिल्डर्स हैं, जो इन प्रावधानों को दरकिनार आवासीय योजनाओं का निर्माण कर रहे हैं।

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तमाम ऐसी आवासीय योजनाएं है, जिनमें निर्मल आय वर्ग के लोगों के लिए आवासों का निर्माण नहीं किया गया है। एमडीडीए की मानें तो जिस भी आवासीय योजना में 15 फीसदी आवास निर्मला वर्ग के लोगों के लिए नहीं बनाए गए, उसका निर्धारित शुल्क एमडीडीए में जमा कराना होता है, ताकि एमडीडीए आवासीय योजनाओं का निर्माण कर सकें। एमडीडीए के सिस्टम प्रशासक संजीवन सूठा ने बताया कि फिलहाल सभी आवासीय योजनाओं को चिह्नित किया जा रहा, जहां प्रावधानों के तहत 15 फीसदी आवास निर्माण आय वर्ग के लोगों के लिए नहीं बनाए गए हैं। 

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