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एनआईईपीवीडी प्रकरण: छात्रों के तीखे सवालों पर मंत्री की ‘बोलती बंद’

Tue, 21 Aug 2018 07:17 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 21 Aug 2018 07:17 PM IST
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niepvd student molestation case minister rekha arya meet with student
rekha arya

एनआईईपीवीडी प्रकरण में प्रदर्शनरत बच्चों से वार्ता करने पहुंची महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य को उनकी खरी-खरी सुननी पड़ी।

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छात्र इस बात से खासे नाराज दिखे कि सरकार का कोई प्रतिनिधि उनसे इतने दिन बाद मिलने आया। वार्ता के बीच छात्रों के तीखे सवालों के जवाबों में मंत्री बार-बार निरुत्तर होती रहीं। मंत्री कुछ बोलतीं इससे पहले ही छात्र अपने सवाल दाग देते, जिनका उनके पास कोई वाजिब जवाब नहीं मिला। थक हारकर मंत्री केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलौत से वार्ता कर उनके सामने सारी बातें रखने का आश्वासन देकर वहां से लौट गईं। 
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संस्थान में हो रहे घटनाक्रम के सातवें दिन मंगलवार को मंत्री रेखा आर्य बच्चों से बात करने पहुंची थीं। उन्होंने प्रशासनिक भवन के सामने बगीचे में बैठकर बच्चों से बात की। हालांकि, इससे पहले उन्होंने किसी और स्थान पर जाकर भी बच्चों से बात करने का निवेदन किया, मगर बच्चों ने सबसे सामने ही सारी बातें उनसे कहने को कहा। मंत्री ने पहले छात्राओं से घटनाक्रम के बारे में पूछा तो कई छात्राओं ने एक-एक कर उनको अपनी आपबीती सुनाई। छात्राओं ने आरोपी अध्यापक सुचित नारंग पर अपने आरोपों को दोहराया और उसकी जल्द गिरफ्तारी की मांग की। इसके अलावा उन्होंने निदेशक अनुराधा डालमिया को भी तत्काल संस्थान से बाहर करने की मांग की। छात्रों की इन सब मांगों पर उन्होंने जल्द से जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। 
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इसके बाद जब उन्होंने छात्रों से कोई और समस्याओं के बारे में पूछा तो छात्रों ने उन पर सवाल दागने शुरू कर दिए। छात्रों ने कहा कि उन्हें इस बात का खेद है कि सरकार की तरफ से काई प्रतिनिधि सात दिन बाद संस्थान में आया है। इस बात पर जब मंत्री ने कुछ बोलना चाहा तो छात्रों ने दूसरा सवाल दाग दिया। कहा कि मुख्यमंत्री इतने संवेदनहीन हो गए कि उनकी राजधानी में, दृष्टिबाधित बच्चों के साथ क्या हो रहा है इसकी सुध भी ली जाए या नहीं। मंत्री छात्रों के इन सब सवालों पर निरुत्तर हो गईं। इसके बाद छात्रों ने केंद्र सरकार के मंत्रालय के मंत्री और अधिकारियों के संज्ञान न लेने की बात कही तो मंत्री ने छात्रों के सफाई दी कि मंत्री का स्वास्थ्य इस समय खराब है। बात यहीं खत्म नहीं हुई छात्रों ने एक के बाद एक सवाल और व्यवस्थाओं पर जब उंगली उठानी शुरू की तो मंत्री ने उन्हें जल्द ही केंद्र सरकार से वार्ता कर उनकी मांगे पूरी करने का आश्वासन देकर वहां से निकलना ही वाजिब समझा। 


...अटल आपके ही नहीं हमारे भी थे मैडम 
 सरकार की तरफ से अब तक कोई क्यों नहीं संस्थान पहुंचा, इसकी सफाई में मंत्री रेखा आर्य ने पिछले दिनों पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की मृत्यु के बाद कार्यक्रमों में व्यस्त रहने की बात कही। यही नहीं मंत्री ने छात्रों पर ही एकाएक संदेह जता दिया कि शायद उन्होंने अपने प्रदर्शन के दौरान अटल जी को श्रद्धांजलि दी है या नहीं इसका मुझे नहीं पता। इस पर कई छात्र तल्ख हो गए और मंत्री से तीखे अंदाज में कह दिया कि मैडम अटल जी आपके ही नहीं बल्कि हमारे भी थे। हममें से ज्यादातर छात्र उन्हीं से प्रेरणा लेते हैं। जिस दिन अटल जी की मृत्यु हुई, छात्रों ने श्रद्धाजंलि देते हुए बिना नारेबाजी के प्रदर्शन किया। 

छात्र बोले, निदेशक यहां से जाएंगी तभी खत्म करेंगे प्रदर्शन 
उन्होंने मंत्री के सामने भी निदेशक अनुराधा डालमिया के उपर कई आरोप लगाए। उनके इन आरोपों पर मंत्री ने भी स्वीकार किया कि डालमिया की भूमिका ही सब बातों को लेकर संदिग्ध नजर आ रही है। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन देकर बच्चों से प्रदर्शन खत्म करने की मांग की तो बच्चों ने कहा कि जब तक डालमिया संस्थान से बाहर नहीं जाती हैं वे प्रदर्शन खत्म नहीं करेंगे। उनका इस्तीफा 2011 में भी नामंजूर हो गया था। ऐसे में जब तक उन्हें इस्तीफे की हार्ड कॉपी नहीं मिल जाती है तब तक वे चुप नहीं बैठेंगे। 

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