बैंक ड्राफ्ट को लेकर RBI ने जारी किए नए नियम, यहां नहीं होगा खाता तो बढ़ेगी परेशानी
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बैंकिंग सेवा कैशलेस करने के चक्कर में रिजर्व बैंक आफ इंडिया (आरबीआई) ने ड्राफ्ट बनवाने व निरस्त करवाने वाले उपभोक्ताओं की सिरदर्दी बढ़ा दी है। नए नियमों के बाद अब उपभोक्ता ड्राफ्ट तो कैश देकर बनाएंगे, लेकिन निरस्त करवाने पर उसे कैश रकम नहीं मिलेगी।
उपभोक्ता को बैंक शुल्क काटकर ड्राफ्ट बनाकर देगा, जिसे उपभोक्ता अपने ही खाते में जमा करवाने के बाद पैसे निकाल सकेगा। इसमें उन लोगों को अधिक परेशानी होगी, जिन लोगों का एसबीआई में खाता नहीं है। पहले ड्राफ्ट निरस्त करने पर फार्म भरने के बाद कैश दिया जाता था।
ड्राफ्ट बनाने की जरूरत खासकर स्टूडेंट्स या सरकारी विभागों को होती है। किन्हीं कारणों से यदि ड्राफ्ट को निरस्त करवाना पड़े तो फिर उसे बैंकों के चक्कर काटने पड़ेंगे। प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों के खाते अधिकतर प्राइवेट बैंकों में हैं।
ड्राफ्ट बनाने की ये होगी फीस
कई प्राइवेट बैंक ऐसे भी हैं, जिनकी शाखा पौड़ी, श्रीनगर या फिर कुछ अन्य शहरों में नहीं हैं। ऐसे में उन्हें ड्राफ्ट निरस्त करवाना है तो ड्राफ्ट की निकासी या जमा करवाने के लिए अपने बैंक तक दौड़ लगानी पड़ेगी।
एटीएम की तर्ज पर ड्राफ्ट बनाने की फीस 30 रुपये, जबकि निरस्त करने की फीस 230 हो गई है। ड्राफ्ट चाहे 100 रुपये या फिर 10 हजार रुपये का हो, फीस इतनी ही देनी पड़ेगी।
नोटबंदी के बाद आरबीआई ने यह नियम लागू किया है। गाइडलाइन के मुताबिक ही बैंकों को काम करना पड़ता है। वैसे ड्राफ्ट निरस्त के केस काफी कम आते हैं।
-डीसी नेगी, शाखा प्रबंधक एसबीआई, पौड़ी।