पैदा करके नन्हीं 'परी' को फेंक आई कलियुगी मां
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उसे मां की गोद में या पालने में होना चाहिए था। उसके अगल-बगल बधाई देने वालों का तांता लगा होना चाहिए था। खूब सारे खिलौने होने चाहिए थे। वो रोती तो पूरा घर उसे चुप कराने के लिए तमाम जतन करते। मगर अफसोस... इस ‘परी’ की खुशियों के सारे ‘पर’ उसकी निर्मोही मां ने इसे जन्म देने के एक-दो दिन बाद ही कतर दिए।
मंगलवार को यह नवजात झाड़ियों में कूड़े की तरह पड़ी मिली। संयोग से एक व्यक्ति ने ‘परी’ के रोने की आवाज सुनी और उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया जहां वह स्वस्थ है।
मंगलवार सुबह किसी ने पुलिस को सूचना दी कि सुभाष नगर में एक किराना स्टोर के सामने खाली प्लाट में झाड़ियों में नवजात बच्ची पड़ी है।
पहला अभिभावक बनते हुए मौके पर पहुंची पुलिस ने आसपास के लोगों से नन्ही ‘परी’ के संबंध में जानकारी ली लेकिन कोई भी कुछ बता नहीं सका। इसके बाद पुलिस ने उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती करा दिया।
अपनी मां ने छोड़ा, मिली चार-चार मां
हॉस्पिटल में ‘परी’ के दूसरे अभिभावक बने डाक्टर और नर्सें, जिन्होंने तत्काल ‘परी’ के सारे चेकअप किए और जरूरी इलाज दिया। जिसके गर्भ में ‘परी’ नौ माह रही उस मां ने इसका त्याग कर दिया लेकिन खुशकिस्मत ‘परी’ के पास अब चार-चार मां हैं, जो सुबह-शाम की शिफ्ट में उसकी देखभाल में कोई कसर नहीं छोड़ रहीं।
अनुमान लगाया जा रहा है कि किसी निर्मोही कलियुगी मां ने लोकलाज के डर से बच्ची को झाड़ियों में मरने फेंक दिया होगा। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बीसी जोशी ने बताया कि ‘परी’ को जब अस्पताल में लाया गया था तो उसके शरीर पर मामूली खरोंच थीं।
उन्होंने बताया कि इलाज के बाद ‘परी’ अब पूरी तरह से स्वस्थ है। बच्ची महज एक-दो दिन की है। अस्पताल स्टाफ पूरे जतन से ‘परी’ की देखभाल में जुटा है।